इंस्पायर स्कॉलरशिप योजना में हर साल मिलेंगे 80 हजार रुपये, योजना की यह होंगी शर्तें


लखीमपुर खीरी। उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए इंस्पायर स्कॉलरशिप योजना शुरू की गई है। अगर इंटरमीडिएट उत्तीर्ण मेधावी विज्ञान क्षेत्र की शिक्षा में जाते हैं तो योजना के तहत हर साल 80 हजार रुपये तक लाभान्वित हो सकते हैं। योजना इंजीनियरिंग, मेडिकल के साथ डिग्री कोर्स, पीजी, रिसर्च और इनोवेशन (अनुसंधान और नवाचार) के क्षेत्र में जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए वरदान साबित हो सकती है।



मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी लखनऊ मंडल डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि सभी बोर्ड के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग आगे की शिक्षा के
लिए छात्रवृत्ति देता है। योजना का मकसद विज्ञान के क्षेत्र में उच्चशिक्षा अर्जित कर देश के विज्ञान और तकनीकी रिसर्च को बेहतर बनाना है


बताया कि प्राकृतिक और बुनियादी विज्ञान में बैचलर डिग्री व मास्टर डिग्री करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पांच हजार रुपये प्रतिमाह अथवा 60 हजार रुपये सालाना के अलावा भारत के किसी मान्यता प्राप्त रिसर्च सेंटर में सक्रिय गाइड के मार्गदर्शन में अनिवार्य समर रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए 20 हजार यानी कुल 80 हजार रुपये प्रति साल दिया जाएगा।


बैचलर व मास्टर डिग्री के लिए इन विषयों का करें चुनाव
फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी, स्टेटिस्टिक्स, जियोलॉजी, एस्ट्रोनॉमी, इलेक्ट्रानिक्स, बॉटनी, एंथ्रोपोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, जियोफिजिक्स, एटमोस्फियरिक साइंस, ओशनिक साइंस, एस्ट्रोफिजिक्स, इकोलॉजी, मरीन बायोलॉजी, जेनेटिक्स, बायोफिजिक्स को चुनकर स्कालरशिप का लाभ उठा सकते हैं



योजना की यह होंगी शर्तें
स्कॉलरशिप छात्रों को पांच वर्षों या कोर्स पूरा होने तक दी जाती है। नाम के साथ एसबीआई में बचत खाता जरूरी है। शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को संस्थान के अध्यक्ष की हस्ताक्षरित वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट और मार्कशीट भी जमा करनी जरूरी है।