आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में तीन गुना बढ़ोतरी का वादा, 65 साल तक सेवा और पेंशन समेत कई सुविधाओं का दावा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने पीडीए ऑडिट में कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से जारी ऑडिट में प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय, सेवानिवृत्ति आयु, पेंशन, ग्रेच्युटी और अतिरिक्त भत्तों से जुड़ी घोषणाओं का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सपा ने सरकार बनने की स्थिति में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में तीन गुना तक बढ़ोतरी का वादा किया है। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने और सेवा के बाद आर्थिक सुरक्षा देने की बात भी कही गई है।
कार्यकर्ताओं को 12 हजार से अधिक और सहायिकाओं को 6 हजार से अधिक मानदेय का दावा
ऑडिट में कहा गया है कि प्रदेश में तीन लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 6,000 रुपये और सहायिकाओं को 3,000 रुपये मानदेय मिलने का उल्लेख किया गया है।
सपा ने वादा किया है कि पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली अतिरिक्त मानदेय राशि में बढ़ोतरी की जाएगी। इसके तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 12,000 रुपये से अधिक और सहायिकाओं को 6,000 रुपये से अधिक अतिरिक्त मानदेय दिए जाने का दावा किया गया है।
10 और 20 साल की सेवा पर अतिरिक्त मानदेय
ऑडिट में सेवा अवधि के आधार पर भी अतिरिक्त आर्थिक लाभ देने की बात कही गई है। 10 और 20 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद अतिरिक्त मासिक मानदेय दिए जाने का वादा किया गया है।
इससे लंबे समय से सेवा दे रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है।
रिटायरमेंट पर कार्यकर्ताओं को 3 लाख और सहायिकाओं को 2 लाख रुपये की ग्रेच्युटी
सपा के ऑडिट में सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त आर्थिक सहायता देने का भी उल्लेख है। इसके अनुसार, रिटायरमेंट पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन लाख रुपये और सहायिकाओं को दो लाख रुपये की ग्रेच्युटी दिए जाने का वादा किया गया है।
सेवानिवृत्ति की उम्र 65 साल करने का वादा
आंगनवाड़ी कर्मियों की सेवा अवधि से जुड़ा एक महत्वपूर्ण वादा सेवानिवृत्ति की उम्र 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का है।
ऑडिट में कहा गया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने का प्रयास किया जाएगा।
पेंशन, वेलफेयर बोर्ड और वरिष्ठता आधारित मानदेय की बात
सपा ने आंगनवाड़ी कर्मियों के लिए पेंशन, वेलफेयर बोर्ड और वरिष्ठता आधारित मानदेय वृद्धि जैसी सुविधाओं का भी वादा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था में उन्हें पेंशन और मृत्यु मुआवजा जैसी सुविधाएं नहीं मिलती हैं।
पार्टी की ओर से इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
अतिरिक्त काम के लिए अलग भत्ता देने का दावा
ऑडिट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले अतिरिक्त कार्यों का भी उल्लेख किया गया है। चुनाव ड्यूटी, सर्वे और जनगणना जैसे काम करने पर अतिरिक्त भत्ता दिए जाने का वादा किया गया है।
इसके अलावा घर-घर जाने, बैठकों, पोषण वितरण और फील्ड विजिट के लिए मासिक यात्रा भत्ता देने की बात भी कही गई है।
दुर्घटना और मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता
सपा के प्रस्ताव में दुर्घटना और मृत्यु की स्थिति में भी आर्थिक सहायता का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, गंभीर चोट की स्थिति में तीन लाख रुपये और मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का दावा किया गया है।
मृत्यु की स्थिति में आश्रित को रोजगार देने का भी वादा किया गया है।
पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए अलग वेलफेयर बोर्ड
ऑडिट में आंगनवाड़ी कर्मियों के लिए पेंशन, ग्रेच्युटी और बीमा जैसी सुविधाओं से संबंधित मामलों के लिए अलग वेलफेयर बोर्ड बनाने की बात कही गई है। इसके साथ ही उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की दिशा में प्रयास किए जाने का भी उल्लेख है।
अभी यह राजनीतिक पार्टी का वादा है
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि समाचार-पत्र की कटिंग में दिए गए ये प्रावधान समाजवादी पार्टी के पीडीए ऑडिट में किए गए वादों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। इन्हें वर्तमान में लागू सरकारी नियम या स्वीकृत योजना नहीं माना जाना चाहिए। इन वादों का वास्तविक क्रियान्वयन भविष्य में राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार बनने की स्थिति में लिए जाने वाले निर्णयों पर निर्भर करेगा।
मुख्य बिंदु एक नजर में:
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: 12,000 रुपये से अधिक अतिरिक्त मानदेय का वादा
सहायिका: 6,000 रुपये से अधिक अतिरिक्त मानदेय का वादा
सेवानिवृत्ति आयु: 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का प्रस्ताव
10 और 20 वर्ष की सेवा पर अतिरिक्त मासिक मानदेय
रिटायरमेंट पर कार्यकर्ता को 3 लाख रुपये ग्रेच्युटी
सहायिका को 2 लाख रुपये ग्रेच्युटी
गंभीर दुर्घटना में 3 लाख रुपये सहायता
मृत्यु पर 5 लाख रुपये मुआवजा
आश्रित को रोजगार देने का वादा
पेंशन, बीमा और वेलफेयर बोर्ड की व्यवस्था का दावा
चुनाव, सर्वे और जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्यों के लिए अलग भत्ता
फील्ड विजिट के लिए मासिक यात्रा भत्ता देने की बात

