28 August 2026

प्रशिक्षण के बाद मूल्यांकन अटका, प्रमाणपत्र का इंतजार

 

प्रशिक्षण के बाद मूल्यांकन अटका, प्रमाणपत्र का इंतजार; 2000 से अधिक कौशल विकास केंद्रों के युवा परेशान

लखनऊ। प्रदेश के 2000 से अधिक कौशल विकास केंद्रों पर प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं का प्रशिक्षण के बाद होने वाला मूल्यांकन कई महीनों से अटका हुआ है। मूल्यांकन एजेंसियों का भुगतान नहीं होने के कारण प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आई है। इसके चलते बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा अपने प्रमाणपत्र का इंतजार कर रहे हैं और रोजगार के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।


मूल्यांकन नहीं होने से प्रमाणपत्र भी अटके

समाचार के अनुसार, प्रदेश में हर साल लाखों युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मूल्यांकन एजेंसियों के माध्यम से युवाओं की लिखित और प्रैक्टिकल परीक्षा कराई जाती है। इसके बाद सफल प्रशिक्षुओं को संबंधित क्षेत्र का प्रमाणपत्र दिया जाता है।

लेकिन इस बार कई सेक्टरों में मूल्यांकन समय से नहीं हो सका। इसका सीधा असर प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवाओं पर पड़ा है।

भुगतान अटकने से एजेंसियों ने रोका मूल्यांकन

प्रशिक्षण प्रदाता एजेंसियों के अनुसार हेल्थ केयर, अपैरल, डोमेस्टिक वर्कर्स, रबर और टेलीकॉम समेत कई सेक्टरों में मूल्यांकन प्रभावित हुआ है। मूल्यांकन एजेंसियों का भुगतान लंबित होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

मूल्यांकन पूरा नहीं होने के चलते हजारों युवा प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए भटक रहे हैं।

प्रमाणपत्र के बिना रोजगार के लिए आवेदन में दिक्कत

प्रशिक्षण प्रमाणपत्र युवाओं के लिए रोजगार के आवेदन में महत्वपूर्ण है। समाचार में बताया गया है कि प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण कई युवा रोजगार के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

इससे उन युवाओं की परेशानी बढ़ गई है जिन्होंने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, लेकिन मूल्यांकन और प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

सेक्टरों में महीनों से रुका मूल्यांकन

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 25 सेक्टरों में प्रशिक्षण पूरा करने वाले लगभग 20 हजार युवाओं का मूल्यांकन अभी तक नहीं हो सका है। अप्रैल के बाद डोमेस्टिक वर्कर्स, रबर, टेलीकॉम, फर्नीचर एंड फिटनेस जैसे कुछ सेक्टरों में मूल्यांकन प्रभावित होने की बात कही गई है।

संबंधित एजेंसियों ने बताया कि पुलकित खरे और मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

धरने के बाद शुरू हुई भुगतान प्रक्रिया

भुगतान में देरी से नाराज उत्तर प्रदेश कौशल प्रशिक्षण प्रदाता एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण उठाकर कौशल महामंच पर धरना दिया। समाचार के अनुसार, एसोसिएशन के विकास राय ने बताया कि कुछ सेक्टरों में एक साल से अधिक समय से मूल्यांकन नहीं हुआ है।

एसोसिएशन ने 30 सितंबर तक मूल्यांकन पूरा कराने की मांग रखी है। धरने के बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी भी सामने आई है।

शासन ने विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए

समाचार में बताया गया है कि भुगतान और मूल्यांकन की समस्या को लेकर आंदोलन के बाद शासन स्तर पर भी मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अब लंबित मूल्यांकन प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने और युवाओं को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने पर नजर है।