UPTET Result: उम्र 50 हो या 55, योग्यता के पैमाने पर खरे उतरे शिक्षक; 76 फीसदी से अधिक ने पाई सफलता
प्रयागराज। यूपी टीईटी परिणाम जारी होने के बाद कार्यरत शिक्षकों के बीच परिणाम को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में 1.46 लाख से अधिक ऐसे शिक्षक थे, जिन्हें टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य था। इनमें से 76 फीसदी से अधिक शिक्षक योग्यता के पैमाने पर खरे उतरे हैं। खास बात यह है कि सफल शिक्षकों में 50 और 55 वर्ष की उम्र के शिक्षक भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टीईटी पास करना था जरूरी
रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया था। प्रदेश में करीब 1.46 लाख से अधिक शिक्षक ऐसे थे, जिन्हें यह परीक्षा पास करनी थी।
इनमें से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने यूपी टीईटी में सफलता हासिल की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 76 फीसदी से अधिक शिक्षक सफल रहे।
50 और 55 साल के शिक्षक भी हुए सफल
परिणाम में उम्र को लेकर भी एक महत्वपूर्ण तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे शिक्षक भी टीईटी में सफल हुए हैं जिनकी उम्र 50 वर्ष या 55 वर्ष है। यानी उम्र अधिक होने के बावजूद शिक्षकों ने टीईटी की पात्रता परीक्षा में सफलता हासिल की है।
रिपोर्ट में आजमगढ़ के शिक्षक मनोज सिंह का उदाहरण दिया गया है। उन्होंने प्राथमिक स्तर की टीईटी में 150 में से 149.267 अंक प्राप्त किए हैं। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार वह किसी कारण से परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे—यह विवरण समाचार रिपोर्ट के अलग हिस्से में विशेष टीईटी के संदर्भ में दिया गया है।
परीक्षा में शामिल नहीं हो सके शिक्षकों को विशेष टीईटी का इंतजार
जो शिक्षक निर्धारित टीईटी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके या परीक्षा में सफल नहीं हुए, अब उन्हें विशेष टीईटी परीक्षा का इंतजार है।
रिपोर्ट के अनुसार, आयोग की ओर से दावा किया गया है कि विशेष टीईटी के लिए तैयारियां पूरी हैं। शासन से अनुमति मिलते ही विशेष टीईटी आयोजित की जाएगी। वर्ष 2026 में पहली बार शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा टीईटी परीक्षा कराए जाने का भी उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
प्राथमिक स्तर पर 80.07 फीसदी अभ्यर्थी पास
समाचार रिपोर्ट में दिए आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 7,13,646 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें 5,71,435 अभ्यर्थी सफल हुए। इस तरह प्राथमिक स्तर पर सफलता प्रतिशत 80.07 फीसदी रहा।
वहीं उच्च प्राथमिक स्तर में 10,57,021 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें 7,59,513 अभ्यर्थी पास हुए। उच्च प्राथमिक स्तर पर उत्तीर्ण प्रतिशत 71.85 फीसदी रहा।
UPTET Result के प्रमुख आंकड़े
| स्तर | शामिल अभ्यर्थी | सफल अभ्यर्थी | सफलता प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| प्राथमिक | 7,13,646 | 5,71,435 | 80.07% |
| उच्च प्राथमिक | 10,57,021 | 7,59,513 | 71.85% |
हजारों अभ्यर्थियों के परिणाम भी हुए निरस्त
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि करीब एक हजार अभ्यर्थियों के परिणाम मामूली गलतियों के कारण निरस्त किए गए हैं। इनमें से एक शिक्षक ने बताया कि उनका परिणाम भी निरस्त दिख रहा है।
शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह के हवाले से बताया गया है कि गोला भरने अथवा अन्य गलतियों के कारण परिणाम निरस्त हुए हैं।
तकनीकी खामियों पर संज्ञान लेने की मांग
परिणाम जारी होने के बाद तकनीकी कारणों से परिणाम निरस्त होने के मामलों को लेकर भी आवाज उठी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव सायमा नोमान ने आयोग से तकनीकी कारणों से निरस्त हुए परिणामों पर संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने अभ्यर्थियों के साथ न्याय की बात कही है।
वहीं उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने भी विशेष टीईटी का दायरा सीमांत/मामला? शिक्षकों तक लागू करने की मांग रखी है। (उपलब्ध समाचार-कटिंग में इस हिस्से का अंतिम शब्द स्पष्ट नहीं है, इसलिए उसे अनुमान से नहीं जोड़ा गया है।)
अब विशेष टीईटी पर टिकी नजर
UPTET परिणाम के बाद सफल शिक्षकों को जहां राहत मिली है, वहीं परीक्षा में शामिल नहीं हो सके और असफल रहे शिक्षकों की निगाह अब विशेष टीईटी पर टिकी है। आयोग की तैयारियां पूरी होने और शासन की अनुमति मिलने के बाद इस परीक्षा को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

