जनगणना में जवाब न देने पर भी मिलेगी अहम जानकारी, धर्म परिवर्तन और अंतरजातीय विवाह का भी चलेगा पता
नई दिल्ली। आगामी जनगणना को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले कुछ सवालों का जवाब नहीं देने वाले लोगों के बारे में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकेंगी। इसमें धर्म परिवर्तन, अंतरजातीय विवाह और परिवार की आर्थिक स्थिति से जुड़े पहलुओं का भी पता चल सकता है।
जवाब नहीं देने पर कॉलम खाली छोड़ा जा सकेगा
रिपोर्ट के मुताबिक, जनगणना कर्मियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देने के लिए नागरिकों पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहता है तो संबंधित कॉलम को खाली छोड़ा जा सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि जनगणना से जुड़ी सभी जानकारियां समाप्त हो जाएंगी। अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सवाल पहली बार जनगणना में शामिल किए गए हैं और इनके जवाबों को लेकर लोगों में संवेदनशीलता हो सकती है।
धर्म और जन्मस्थान से जुड़ी जानकारी भी
जनगणना में माता-पिता का धर्म और जन्म स्थान भी पूछा जाएगा। यदि परिवार में माता-पिता अलग-अलग धर्मों से हैं तो इससे संबंधित जानकारी सामने आ सकती है।
इसी तरह, यदि किसी व्यक्ति का धर्म उसके माता-पिता के धर्म से अलग है तो इससे यह संकेत मिल सकता है कि परिवार में धर्म परिवर्तन हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अलग-अलग राज्यों और जिलों में धर्म परिवर्तन की स्थिति का भी आकलन किया जा सकता है।
अंतरजातीय विवाह की स्थिति का भी चलेगा पता
रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि किसी परिवार में एक सदस्य अनुसूचित जाति का है और दूसरा गैर-अनुसूचित जाति या गैर-अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित है, तो इससे अंतरजातीय विवाह की स्थिति का पता चल सकता है।
इस तरह जनगणना के आंकड़ों से सामाजिक संरचना और विभिन्न समुदायों के बीच विवाह की स्थिति से जुड़ी जानकारी मिलने की संभावना है।
आर्थिक स्थिति की जानकारी भी जुटाई जाएगी
जनगणना के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि परिवार के सदस्यों के जन्मस्थान, धर्म और अन्य सामाजिक जानकारियों के साथ आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे।
इन आंकड़ों का इस्तेमाल देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझने तथा नीतियां बनाने में किया जा सकता है।
एनपीआर को लेकर भी जताई गई आशंका
समाचार में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को लेकर भी आशंका का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई एलान नहीं किया है, लेकिन जन्मस्थान, पते, धर्म और पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी जनगणना में मांगे जाने को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि NPR पहली बार वर्ष 2010 में तैयार किया गया था। हालांकि, जनगणना और NPR से जुड़ी प्रक्रिया के संबंध में समाचार-कटिंग में विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
लोगों के लिए जरूरी बात
रिपोर्ट के अनुसार, जनगणना के दौरान किसी सवाल का जवाब नहीं देने पर नागरिक को जवाब देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि, जनगणना में मांगी जाने वाली जानकारी के उद्देश्य और उसके इस्तेमाल को लेकर लोगों के बीच जागरूकता जरूरी बताई गई है।

