28 August 2026

UPTET OMR में गलती पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, 2017 में खारिज हुई थी याचिका

 


UPTET OMR में गलती पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, 2017 में खारिज हुई थी याचिका

प्रयागराज। UPTET की OMR शीट में निर्धारित विवरण सही तरीके से नहीं भरने को लेकर अभ्यर्थियों के बीच चर्चा के बीच रिट याचिका संख्या 53945/2017, Ritu Chauhan बनाम State of U.P. एवं अन्य का फैसला एक बार फिर सामने आया है। उपलब्ध न्यायालयी आदेश के अनुसार यह मामला UPTET 2017 से संबंधित था और इसमें OMR शीट में “Language Attempted” का विकल्प नहीं भरा गया था।

क्या था पूरा मामला?

याचिकाकर्ता ने UPTET 2017 में आवेदन किया था। परीक्षा के दौरान OMR शीट में “Language Attempted” के सामने दिए गए English, Urdu और Sanskrit विकल्पों में से कोई विकल्प चिह्नित नहीं किया गया। इसके कारण उसकी OMR शीट का मूल्यांकन नहीं किया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यह मानवीय भूल थी और उसे बाद में संबंधित कॉलम भरने की अनुमति देकर OMR शीट का मूल्यांकन कराया जाना चाहिए।

कोर्ट ने क्या कहा?

न्यायालय ने पूर्व के Ram Manohar Yadav बनाम State of U.P. तथा Km. Richa Pandey बनाम Examination Regulatory Authority जैसे मामलों का उल्लेख किया। आदेश में कहा गया कि OMR शीट कंप्यूटर के माध्यम से मूल्यांकन के लिए होती है और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की परीक्षा होने के कारण प्रत्येक OMR को मैन्युअली जांचकर छूटे हुए कॉलम भरना व्यावहारिक नहीं है।

फैसले में यह भी टिप्पणी की गई कि OMR शीट को निर्धारित निर्देशों के अनुसार सही ढंग से भरना अभ्यर्थी की जिम्मेदारी है। संबंधित मामले में “Language Attempted” कॉलम को खाली छोड़ने की गलती को ऐसी त्रुटि माना गया, जिसे बाद में प्राधिकरण द्वारा ठीक करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

याचिका हुई खारिज

न्यायमूर्ति सुनीत कुमार के समक्ष मामले की सुनवाई हुई और 24 नवंबर 2017 के आदेश में न्यायालय ने याचिका में कोई मेरिट न पाते हुए उसे खारिज कर दिया।

⚠️ UPTET अभ्यर्थियों के लिए जरूरी बात

इस फैसले का संबंध विशेष रूप से OMR में “Language Attempted” कॉलम खाली छोड़ने के मामले से है। इसलिए इसे सीधे तौर पर रोल नंबर या बुकलेट नंबर के गोले गलत भरने के प्रत्येक मामले पर लागू होने वाला फैसला बताना उचित नहीं होगा। उपलब्ध दस्तावेज में रोल नंबर/बुकलेट नंबर के गोले की गलती पर कोई प्रत्यक्ष निर्णय नहीं है।

आदेश की तारीख: 24 नवंबर 2017 | रिट याचिका: 53945/2017 | Ritu Chauhan बनाम State of U.P. एवं अन्य.