यूपी TET 2026: OMR रिजेक्शन पर अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता, निर्देश पुस्तिका में पहले से दी गई थी अहम जानकारी
प्रयागराज/लखनऊ। यूपी टीईटी 2026 परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों की OMR शीट रिजेक्ट होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस संबंध में चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच परीक्षा की निर्देश पुस्तिका में OMR शीट के मूल्यांकन और रिजेक्शन को लेकर दिए गए नियम सामने आए हैं।
OMR मूल्यांकन को लेकर निर्देश पुस्तिका में क्या कहा गया?
निर्देश पुस्तिका के अनुसार OMR उत्तर पत्रक का मूल्यांकन इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग एवं कम्प्यूटरीकृत प्रणाली के माध्यम से किया जाता है। इसलिए अभ्यर्थियों को OMR भरते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए थे।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि यदि अभ्यर्थी द्वारा—
- गलत सूचना अंकित की जाती है,
- गलत अनुक्रमांक भरा जाता है,
- गलत रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित किया जाता है,
- प्रश्न पुस्तिका क्रमांक,
- भाषा विकल्प या पार्ट-IV से संबंधित गोले को सही तरीके से नहीं भरा जाता,
तो ऐसी OMR शीट का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
दोबारा जांच या सुनवाई का भी प्रावधान नहीं
निर्देश पुस्तिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि OMR शीट के मूल्यांकन से संबंधित किसी प्रकार की पुनः जांच, पुनर्मूल्यांकन अथवा सुनवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
यही वजह है कि OMR रिजेक्शन का सामना कर रहे अभ्यर्थियों के बीच चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि, किसी विशेष अभ्यर्थी की OMR किस कारण से रिजेक्ट हुई है, यह उसके व्यक्तिगत परिणाम/OMR विवरण की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।
अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?
अभ्यर्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे सबसे पहले अपना रिजल्ट और उपलब्ध OMR/रिजेक्शन विवरण ध्यानपूर्वक जांच लें। केवल सोशल मीडिया पर चल रही सूचनाओं के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।
महत्वपूर्ण: OMR रिजेक्शन के मामले में किसी नए समाधान, पुनर्मूल्यांकन या विशेष सुनवाई की आधिकारिक घोषणा होने तक सोशल मीडिया के दावों पर भरोसा न करें।
UPTET में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक
निर्देशों में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 150 में 90 अंक (60%) तथा आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 150 में 82 अंक (55%) का उल्लेख भी किया गया है।
साथ ही, केवल UPTET उत्तीर्ण करने से किसी व्यक्ति को स्वतः भर्ती/रोजगार का अधिकार प्राप्त नहीं होता।

