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28 August 2026

TET 2026: पिता ने बेटे, मां ने बेटी के साथ पास की परीक्षा, 20 से 26 साल की सेवा के बाद शिक्षकों ने हासिल की सफलता

 

TET 2026: पिता ने बेटे, मां ने बेटी के साथ पास की परीक्षा, 20 से 26 साल की सेवा के बाद शिक्षकों ने हासिल की सफलता

लखनऊ। वर्षों तक बच्चों को पढ़ाने वाले कई शिक्षक इस बार खुद परीक्षार्थी बने और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में सफलता हासिल कर मिसाल पेश की। खास बात यह रही कि कुछ शिक्षकों ने अपने बेटे-बेटी के साथ परीक्षा दी और सफलता हासिल की, जबकि कई शिक्षकों ने 20 से 26 साल की सरकारी सेवा पूरी करने के बाद भी टीईटी पास किया।

समाचार-पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा में शामिल शिक्षकों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय तक शिक्षण कार्य करने के साथ उन्हें टीईटी की तैयारी भी करनी पड़ी।

26 साल की सेवा के बाद बेटे के साथ पास की परीक्षा

बेसिक विद्यालय गुल्लेलखेड़ा में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत सकलानंद ने 26 साल की सरकारी सेवा पूरी करने के बाद टीईटी परीक्षा पास की। वह प्राथमिक विद्यालय दुर्गागंज में 25 साल से शिक्षिका रहीं।

रिपोर्ट के अनुसार, उनके पुत्र ने पहले प्रयास में ही टीईटी में सफलता हासिल की थी। इसके बाद मां ने भी परीक्षा देने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा देना कोई बड़ी बात नहीं थी, लेकिन जिस तरह से रिजल्ट आया, वह उनके लिए बेहद खुशी की बात रही।

20 साल की सेवा के बाद बेटी के साथ दी परीक्षा

प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर, गोरखपुर की प्रधानाध्यापक आभा सोनकर ने करीब 20 साल की सेवा पूरी करने के बाद अपनी बेटी सृष्टि सोनकर के साथ टीईटी परीक्षा दी। दोनों ने परीक्षा में सफलता हासिल की।

आभा सोनकर के अनुसार, स्कूल की जिम्मेदारियों के साथ परीक्षा की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद उन्होंने बेटी के साथ परीक्षा देने का निर्णय लिया और दोनों सफल रहीं।

पति-पत्नी ने भी साथ पास की परीक्षा

प्राथमिक विद्यालय उमर भारी में तैनात शिक्षक आशुतोष मिश्र ने 22 साल की सेवा पूरी करने के बाद टीईटी परीक्षा दी। उनकी पत्नी संगीता भारद्वाज 24 साल से शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।

दोनों ने एक साथ टीईटी परीक्षा पास की। रिपोर्ट के अनुसार, नौकरी और स्कूल की जिम्मेदारियां निभाने के साथ परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद पति-पत्नी ने सफलता हासिल की।

बेटे ने कहा- मम्मी पास होकर दिखाना

रिपोर्ट में एक और प्रेरक उदाहरण ललितपुर से दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय रामनगर की प्रधानाध्यापक लल्ली सिंह पिछले 20 वर्षों से शिक्षिका हैं।

उन्होंने प्राथमिक स्तर की टीईटी में 98 अंक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 115 अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। रिपोर्ट के अनुसार, उनके बेटे ने परीक्षा से पहले अपनी मां से कहा था कि वह टीईटी पास होकर दिखाएं। बेटे की इस बात को उन्होंने चुनौती के रूप में लिया और परीक्षा में सफलता हासिल की।

सेवा में रहते हुए कई शिक्षकों ने पाई सफलता

समाचार-पत्र में सेवा में रहते हुए टीईटी पास करने वाली कई शिक्षिकाओं के उदाहरण भी प्रकाशित किए गए हैं। इनमें ज्योति यादव, प्रीति मिश्रा, सुमन पांडेय, हेमा सिंह और कोमल तिवारी के नाम शामिल हैं।

इन शिक्षकों की सफलता यह बताती है कि लंबे समय से सरकारी सेवा में रहने के बावजूद परीक्षा की तैयारी कर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

20 से 26 साल की सेवा के बाद परीक्षा बनी चुनौती

रिपोर्ट में बताया गया है कि कई शिक्षक 20 से 26 वर्ष की सरकारी सेवा पूरी कर चुके हैं। लंबे अंतराल के बाद टीईटी परीक्षा में शामिल होना उनके लिए अलग अनुभव रहा। वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे इन शिक्षकों ने नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच परीक्षा की तैयारी की और सफलता प्राप्त की।



 

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