28 August 2026

पांच पैमानों से तय होगा बच्चा कितना स्वस्थ, तैयार हो रहा नया ग्रोथ चार्ट

 

पांच पैमानों से तय होगा बच्चा कितना स्वस्थ, तैयार हो रहा नया ग्रोथ चार्ट

नई दिल्ली। बच्चे की सेहत और विकास को केवल उसकी लंबाई और वजन के आधार पर आंकना पर्याप्त नहीं होगा। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) बच्चों के लिए नया ग्रोथ चार्ट तैयार कर रहा है, जिसमें बच्चे के शारीरिक विकास के साथ भविष्य में बीमारियों के खतरे को समझने के लिए कई मानकों को शामिल किया जाएगा।



Image


2 से 18 साल के बच्चों पर हो रहा अध्ययन

समाचार-कटिंग के अनुसार, ICMR की ओर से 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें बच्चों के विकास को समझने के लिए पांच प्रमुख पहलुओं को शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि बच्चा उम्र के हिसाब से सही दिशा में बढ़ रहा है या नहीं और भविष्य में उसे किन बीमारियों का खतरा हो सकता है।

ये पांच पैमाने होंगे अहम

नए ग्रोथ चार्ट में मुख्य रूप से इन मानकों को देखा जाएगा—

  1. लंबाई/कद – उम्र के अनुसार बच्चे की लंबाई कितनी है।

  2. वजन – उम्र के हिसाब से बच्चे का वजन कितना होना चाहिए।

  3. शरीर का अनुपात – शरीर के अलग-अलग माप और उनके आपसी अनुपात को भी देखा जाएगा।

  4. ब्लड प्रेशर – बच्चों का रक्तचाप भी विकास के आकलन में शामिल किया जाएगा।

  5. खून में जैविक संकेतक – रक्त में मौजूद कुछ जैविक संकेतकों की जांच की जाएगी, जो आगे चलकर हृदय और मेटाबॉलिक बीमारियों के खतरे को समझने में मदद कर सकते हैं।

केवल लंबाई और वजन से नहीं होगा पूरा आकलन

रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चे की लंबाई या वजन अकेले यह तय करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि वह स्वस्थ है या नहीं। उम्र के साथ बच्चे की लंबाई, वजन और शरीर के विभिन्न मापों के बीच अनुपात भी महत्वपूर्ण है।

इसलिए प्रस्तावित ग्रोथ चार्ट में बच्चे के समग्र शारीरिक विकास को ध्यान में रखा जाएगा।

पड़ोसी बच्चे से तुलना करना सही नहीं

अध्ययन का एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी है कि बच्चों की तुलना केवल आसपास के दूसरे बच्चों से नहीं करनी चाहिए। किसी बच्चे का विकास उसकी उम्र और शरीर के विभिन्न मापों के आपसी संबंध के आधार पर देखा जाना अधिक महत्वपूर्ण बताया गया है।

10 साल पुराने चार्ट में बदलाव की तैयारी

समाचार-कटिंग के अनुसार, वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले भारतीय ग्रोथ चार्ट को लगभग 10 वर्ष पहले तैयार किया गया था। बच्चों के विकास से जुड़ी बदलती परिस्थितियों को देखते हुए नए आंकड़ों के आधार पर इसे अपडेट करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि नए अध्ययन में बड़ी संख्या में बच्चों से जुड़े आंकड़ों को शामिल किया जा रहा है, ताकि भारतीय बच्चों के लिए अधिक उपयुक्त विकास मानक तैयार किए जा सकें।

भविष्य में बीमारी के खतरे का भी मिल सकेगा संकेत

नए ग्रोथ चार्ट का उद्देश्य केवल यह बताना नहीं होगा कि बच्चा कितना लंबा या कितना भारी है। इसमें ऐसे संकेतकों को भी शामिल करने की योजना है, जिनसे भविष्य में कुछ हृदय संबंधी और मेटाबॉलिक बीमारियों के संभावित खतरे को समझने में मदद मिल सके।

निष्कर्ष: प्रस्तावित नया ग्रोथ चार्ट बच्चों के विकास को केवल कद और वजन तक सीमित रखने के बजाय उनके समग्र शारीरिक विकास, शरीर के अनुपात, ब्लड प्रेशर और रक्त में जैविक संकेतकों को भी ध्यान में रखेगा। इससे बच्चों के स्वास्थ्य का अधिक व्यापक आकलन करने में मदद मिल सकती है।