यूपी में प्रधानाध्यापकों के लिए बड़ी खबर, अब बन सकेंगे खंड शिक्षा अधिकारी
31 साल बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने किया बड़ा बदलाव, प्रधानाध्यापकों को मिलेगा बीईओ बनने का मौका
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) की नियुक्ति को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रदेश के परिषदीय जूनियर हाईस्कूल और एडेड स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अब खंड शिक्षा अधिकारी बनने का अवसर मिल सकेगा। इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों से प्रधानाध्यापकों की वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी।
1995 से चली आ रही मांग पर हुआ बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1995 से पहले प्रधानाध्यापकों को पदोन्नति के जरिए खंड शिक्षा अधिकारी बनाने की व्यवस्था थी। उस समय खंड शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति में 20 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाते थे। इसमें 10 प्रतिशत प्रधानाध्यापक और 10 प्रतिशत प्रसार अध्यापक शामिल होते थे। हालांकि, वर्ष 1995 के बाद यह व्यवस्था बंद कर दी गई थी।
प्रधानाध्यापकों की ओर से लंबे समय से इस व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग की जा रही थी। कुछ प्रधानाध्यापकों ने इसके लिए न्यायालय का भी रुख किया था।
10 प्रतिशत सीटें प्रधानाध्यापकों के लिए होंगी आरक्षित
समाचार के मुताबिक, वरिष्ठता सूची तैयार होने के बाद बीईओ की भर्ती प्रक्रिया में प्रधानाध्यापकों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों में प्रधानाध्यापकों की वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी।
प्रदेश में 340 पद खाली
वर्तमान में प्रदेश के सभी जनपदों में खंड शिक्षा अधिकारियों के कुल 1031 पद बताए गए हैं। इनमें 691 पदों पर खंड शिक्षा अधिकारी तैनात हैं, जबकि 340 पद रिक्त हैं। रिक्त पदों के कारण विद्यालयों की निगरानी और विभागीय कार्य प्रभावित होने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी वजह से बीईओ के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज किए जाने की तैयारी है। अलग-अलग जनपदों में तैनात अधिकारियों के अनुसार, रिक्त 340 पदों में से लगभग 103 पद प्रधानाध्यापकों के हिस्से में आ सकते हैं।
प्रधानाध्यापकों के लिए बड़ा अवसर
जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक सर्वेश कुमार सिंह के अनुसार, बीईओ पद पर पदोन्नति की व्यवस्था शुरू होना प्रधानाध्यापकों के लिए बड़ा अवसर है। विभागीय स्तर पर बीईओ की भर्ती को लेकर तैयारियां शुरू किए जाने की भी जानकारी दी गई है।
हालांकि, पदोन्नति की अंतिम प्रक्रिया, पात्रता और वरिष्ठता संबंधी विस्तृत नियम विभागीय आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

