सरकारी स्कूल-कॉलेजों में बनेंगे NTA स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर, 2027 परीक्षाओं की तैयारी तेज
नई दिल्ली। वर्ष 2027 से कंप्यूटर आधारित NEET-UG समेत अन्य राष्ट्रीय दाखिला परीक्षाओं के लिए देशभर में पर्याप्त परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को NTA स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट
रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक और प्रबंधन कॉलेजों में उपलब्ध कंप्यूटर, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेट, नेटवर्क, पावर बैकअप और अन्य सुविधाओं का ऑडिट शुरू किया गया है। NTA ने इन संस्थानों से करीब 30 प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।
ऑडिट में कॉलेज का नाम-पता, जिला एवं राज्य, प्रिंसिपल और डायरेक्टर की जानकारी, आईटी/कंप्यूटर लैब प्रभारी, कंप्यूटरों की संख्या, हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, प्राइवेसी स्क्रीन, नेटवर्क केबल, सर्वर, यूपीएस, बिजली क्षमता और बैकअप जैसी सुविधाओं का विवरण शामिल है।
15 सितंबर तक मांगी गई जानकारी
संस्थानों से उपलब्ध कंप्यूटरों, कंप्यूटर लैब, प्राइवेसी स्क्रीन, अतिरिक्त कंप्यूटर लगाने की क्षमता, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्क एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी और पावर बैकअप समेत अन्य परीक्षा सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
2027 से कंप्यूटर आधारित होंगी कई परीक्षाएं
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2027 से NEET-UG, जेईई मेन, CUET-UG, CUET-PG और UGC-NET समेत राष्ट्रीय स्तर की कई दाखिला परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित (CBT) कराने की तैयारी है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों का पर्याप्त नेटवर्क तैयार करना जरूरी माना जा रहा है।
फिलहाल NEET-UG को एक दिन में आयोजित करने के लिए बड़ी संख्या में कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए सरकारी स्कूलों और कॉलेजों सहित अन्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर NTA स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
छह मुख्य बिंदुओं समेत 30 जानकारियों का होगा ऑडिट
NTA स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर बनाने से पहले छह प्रमुख बिंदुओं समेत करीब 30 जानकारियों का ऑडिट किया जा रहा है। इसमें परीक्षा केंद्र की उपलब्धता के साथ-साथ कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी, नेटवर्क, बिजली बैकअप तथा परीक्षा संचालन से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं की जांच की जाएगी।
उद्देश्य यह है कि वर्ष 2027 की राष्ट्रीय परीक्षाओं का शेड्यूल जारी होने से पहले देशभर में पर्याप्त संख्या में मानक परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया जा सके।

