विशेष टीईटी में 60% अंक लाने वाले शिक्षकों को मिलेगा पात्रता प्रमाणपत्र
सामान्य वर्ग के लिए 90 और आरक्षित वर्ग के लिए 82 अंक जरूरी, करीब 2,500 विशेष शिक्षक होंगे शामिल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित कराने की कार्ययोजना को सरकार ने मंजूरी दे दी है। परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
60 फीसदी अंक जरूरी
विशेष टीईटी में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 90 अंक यानी 60 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। वहीं एससी, एसटी, ओबीसी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 82 अंक यानी करीब 55 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं।
परीक्षा के अंक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। आवेदन वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) के बाद ऑनलाइन होंगे और शुल्क पूर्व में आयोजित परीक्षा के समान रखा जाएगा।
31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना होगा
रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। पुनर्विचार याचिका में 29 मई के आदेश के अनुसार कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के 7 मार्च 2025 के आदेश के अनुपालन में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के करीब 2,500 विशेष शिक्षक भी इस परीक्षा में शामिल होंगे।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों को मिलेगा मौका
प्राथमिक स्तर के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक कक्षा एक से पांच और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक कक्षा छह से आठ के लिए परीक्षा दे सकेंगे।
विशेष शिक्षकों के लिए प्राथमिक स्तर पर स्नातक के साथ आरसीआई से मान्यता प्राप्त डीएड विशेष शिक्षा और आरसीआई पंजीकरण जरूरी होगा। उच्च प्राथमिक स्तर के लिए बीएड विशेष शिक्षा या समकक्ष योग्यता अनिवार्य होगी।
संविदा शिक्षकों की अधिकतम आयु 60 वर्ष
परीक्षा के लिए संविदा/डेली वेजेज पर कार्यरत विशेष शिक्षकों की अधिकतम आयु परीक्षा की तारीख तक 60 वर्ष निर्धारित की गई है।
पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा तिथि और शुल्क की अंतिम जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।

