03 September 2026

बच्चों को कम खिलाएं चॉकलेट-फास्टफूड, तेजी से बिगड़ रही दांतों की सेहत

 

बच्चों को कम खिलाएं चॉकलेट-फास्टफूड, तेजी से बिगड़ रही दांतों की सेहत

पांच साल से कम उम्र के बच्चे भी हो रहे शिकार, जिला अस्पताल में दांतों के मरीज 50 फीसदी बढ़े

जौनपुर। बदलते खानपान के बीच बच्चों में दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। चॉकलेट, फास्टफूड, जंक फूड और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन बच्चों के दांतों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चे भी कैविटी और डेंटल कैरीज की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं।

जिला अस्पताल और सीएचसी के दंत विभागों में दांतों से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पहले जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीज दांतों में सड़न, कैविटी, डेंटल कैरीज, पायरिया और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याओं को लेकर पहुंचते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 150 प्रतिदिन हो गई है।

50 फीसदी बढ़े मरीज

जिला अस्पताल के दंत चिकित्सक डॉ. अरविंद यादव ने बताया कि पिछले 10 दिनों की तुलना में इन दिनों दांत रोगियों की संख्या करीब 50 फीसदी बढ़ी है। करीब 50 मरीजों की जांच में से 30 मरीजों में दांत में सड़न, कीड़ा लगना, ठंडा-गरम लगना और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक दांतों की सफाई न होने और बैक्टीरिया के कारण दांतों में सड़न शुरू हो जाती है। धीरे-धीरे समस्या गंभीर होकर दर्द और संक्रमण का कारण बन सकती है।

किशोरों में भी बढ़ी डेंटल कैरीज की समस्या

दंत चिकित्सक डॉ. जितेंद्र दूबे के अनुसार बच्चों के साथ किशोर-किशोरियों में भी डेंटल कैरीज के मामले बढ़ रहे हैं। चॉकलेट और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों में मौजूद शर्करा दांतों की सतह पर चिपक जाती है। लंबे समय तक सफाई न होने पर बैक्टीरिया के कारण दांतों में सड़न शुरू हो सकती है।

बच्चों के दांतों की ऐसे करें देखभाल

  • दांतों में किसी तरह का दर्द या सड़न दिखाई दे तो तुरंत दंत चिकित्सक से संपर्क करें।
  • बच्चे को दूध की बोतल मुंह में लगाकर सोने की आदत न डालें।
  • पहला दांत निकलने के बाद से ही दांतों की सफाई और देखभाल शुरू करें।
  • चॉकलेट, मीठे पेय, फास्टफूड और जंक फूड का सेवन सीमित करें।
  • बच्चों को पौष्टिक और संतुलित भोजन की आदत डालें।
  • सुबह और रात नियमित रूप से ब्रश करने की आदत डालें।
  • बच्चों के साथ अभिभावक भी नियमित रूप से दांतों की सफाई का ध्यान रखें।
  • चॉकलेट या मीठा खाने के बाद पानी से कुल्ला करना बेहतर है।
  • किशोर-किशोरियों को भी नियमित रूप से ब्रश करने के लिए प्रेरित करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी उम्र से ही दांतों की सफाई और खानपान पर ध्यान देकर कैविटी व डेंटल कैरीज जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।