09 September 2026

प्रशस्त 2.0 एप: 2.03 लाख से अधिक शिक्षक सेंसेटाइजेशन वीडियो देखकर जुड़े, रामपुर भागीदारी में सबसे आगे

प्रशस्त 2.0 एप: 2.03 लाख से अधिक शिक्षक सेंसेटाइजेशन वीडियो देखकर जुड़े, रामपुर भागीदारी में सबसे आगे

लखनऊ — उत्तर प्रदेश में समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ करने और दिव्यांग बच्चों की सही समय पर पहचान व सहायता के लिए 'प्रशस्त 2.0' एप के माध्यम से शिक्षकों को जोड़ने की पहल तेज हो गई है। बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों में संवेदनशीलता और समझ विकसित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। राज्य के सभी बोर्डों के सरकारी, परिषदीय, प्राइवेट एडेड और अनएडेड विद्यालयों के शिक्षकों के लिए इन वीडियो को देखना अनिवार्य किया गया है।

  • ऑनबोर्डिंग के आंकड़े: अब तक प्रदेशभर के 2,03,823 शिक्षक 'प्रशस्त 2.0' एप पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं।

  • जिलेवार सहभागिता: सहभागिता के मामले में रामपुर 44.38 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद झाँसी (39.27%), पीलीभीत (31.95%), शाहजहांपुर (28.42%) और बलिया (24.74%) का स्थान है। इसके अलावा गोंडा, सीतापुर, फतेहपुर, मथुरा, Bareilly (बरेली) और बस्ती में भी शिक्षकों की अच्छी सहभागिता रही है।

  • अनिवार्य सेंसेटाइजेशन वीडियो: प्रशस्त 2.0 के अंतर्गत बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों के लिए लगभग 40 मिनट के कुल 10 सेंसेटाइजेशन वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं।

  • महानिदेशक के निर्देश: महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने स्पष्ट किया है कि स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले शिक्षकों का संवेदीकृत होना आवश्यक है, जिससे वे बच्चों की जरूरतों को और अधिक संवेदनशीलता के साथ समझ सकें। राज्य स्तर से सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और बीएसए को इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।