09 September 2026

शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ी खबर: क्या स्नातक के सिर्फ दो वर्ष के विषय से भी बन सकते हैं टीजीटी? आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा!

 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ी खबर: क्या स्नातक के सिर्फ दो वर्ष के विषय से भी बन सकते हैं टीजीटी? आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा!

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है, जो प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के पदों के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत की खबर हो सकता है।

प्रयागराज निवासी योगेश पाण्डेय द्वारा दायर एक आरटीआई के जवाब में, आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई उम्मीदवार स्नातक स्तर पर किसी विषय का केवल दो वर्ष अध्ययन करता है, तो वह उस विषय में टीजीटी परीक्षा के लिए पात्र हो सकता है।

आरटीआई का मामला और आयोग का जवाब

योगेश पाण्डेय ने आयोग से दो प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। उनके पहले प्रश्न के जवाब में ही महत्वपूर्ण बात सामने आई:

प्रश्न: "यदि किसी अभ्यर्थी ने बी.ए. में प्रथम एवं द्वितीय वर्ष में अंग्रेजी साहित्य विषय का अध्ययन किया हो, परन्तु तृतीय वर्ष में अंग्रेजी साहित्य विषय न पढ़ा हो, तथा बी.एड. उत्तीर्ण हो, तो क्या वह अभ्यर्थी प्रशिक्षित स्नातक में अंग्रेजी शिक्षक के पद हेतु आवेदन करने के योग्य है या नहीं?"

आयोग का जवाब: "योग्य है।"

इसका सीधा अर्थ है कि यदि किसी उम्मीदवार ने बी.ए. (या स्नातक) के केवल पहले दो वर्षों में किसी विषय (जैसे अंग्रेजी साहित्य) का अध्ययन किया है और तीसरे वर्ष में उसे छोड़ दिया है, लेकिन उसके पास बी.एड. की डिग्री है, तो वह उस विषय में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) पद के लिए आवेदन करने के लिए पूरी तरह पात्र है।

हालांकि, आयोग ने उनके दूसरे प्रश्न के जवाब में कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया:

प्रश्न: "यदि उक्त विषय पर आयोग द्वारा कोई दिशा-निर्देश, परिपत्र अथवा स्पष्टीकरण जारी किया गया हो तो उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध करायी जाय।"

आयोग का जवाब: "इस सम्बन्ध में कोई भी सूचना उपलब्ध कराया जाना सम्भव नहीं है।"

अंतिम निष्कर्ष: उम्मीदवारों के लिए क्या है खास?

यह आरटीआई रिपोर्ट उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी है। अक्सर यह भ्रम बना रहता था कि क्या टीजीटी पद के लिए स्नातक के सभी तीन वर्षों में उस विशेष विषय का अध्ययन अनिवार्य है। आयोग के इस जवाब से यह स्पष्ट हो गया है कि केवल दो वर्ष का अध्ययन भी उम्मीदवार को उस विषय में टीजीटी परीक्षा देने के लिए योग्य बनाता है, बशर्ते उसके पास बी.एड. की डिग्री हो। यह निर्णय कई उम्मीदवारों के लिए नए अवसर खोल सकता है जिन्होंने किसी कारणवश स्नातक के अंतिम वर्ष में कोई विषय नहीं पढ़ा था।

ध्यान दें: हालांकि यह जानकारी आरटीआई के माध्यम से दी गई है, लेकिन उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी विशिष्ट भर्ती अधिसूचना में उल्लिखित सटीक पात्रता मानदंडों को हमेशा ध्यान से पढ़ें। आयोग द्वारा भविष्य में कोई और स्पष्टीकरण या दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं, इसलिए अद्यतन जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।