जयपुर: 8 वें वेतन आयोग को लेकर आईएएस एसोसिएशन की मांगों पर मुख्य सचिव ने एक बार फिर फीडबैक लिया है। आईएएस एसोसिएशन ने वेतन भत्तों से लेकर बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक कई मुद्दों पर अपनी बात सरकार के सामने रखी। एसोसिएशन की ओर से 8 वें वित्त आयोग को सौंपे गए मांग पत्र में अधिकारियों के वेतन और सुविधाओं में सुधार की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। मुख्य सचिव ने बुधवार को इन मांगों को लेकर फिर समीक्षा की और संबंधित पक्षों से फीडबैक लिया।
आईएएस का शुरुआती वेतन डॉक्टरों से भी कम
एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में प्रवेश (भर्ती के समय) स्तर के वेतन में बढ़ोतरी और वेतन समानता का मुद्दा उठाया है। वर्तमान में प्रवेश स्तर का वेतन 56,100 रुपए है। एसोसिएशन का कहना है कि यह वेतन डॉक्टरों के प्रवेश स्तर के वेतन की तुलना में भी कम है। ऐसे में अधिकारियों के शुरुआती वेतनमान में बढ़ोतरी की आवश्यकता बताई गई है।
प्रशिक्षण और कौशल विकास पर भी ध्यान की जरूरत
मांग पत्र में विशेष भत्तों और कौशल उन्नयन भत्ते में वृद्धि की मांग भी शामिल है। एसोसिएशन का तर्क है कि प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों और बदलती कार्यप्रणाली के अनुरूप उनके प्रशिक्षण और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए कौशल उन्नयन से जुड़े भत्तों में सुधार की मांग की गई है। इसके अलावा पुस्तक एवं शोध भत्ता बढ़ाने के साथ राजपत्रित भत्ते की सुविधा देने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई है।
बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा भी उठाया
आईएएस एसोसिएशन की ओर से अधिकारियों के बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्च को देखते हुए बाल शिक्षा भत्ते में सुधार का मुद्दा भी उठाया गया है। साथ ही अवकाश नकदीकरण की मौजूदा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई है। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी एसोसिएशन ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मुख्य सचिव के जरिए सरकार को दिए गए ज्ञापन में सीजीएचएस सुविधा को वैकल्पिक करने की मांग की गई है ताकि अधिकारियों को अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का विकल्प मिल सके। एसोसिएशन ने अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर जोर दिया है।
