05 September 2026

स्कूलों में ‘निपुण लक्ष्य’ और पढ़न संस्कृति को बढ़ावा देने के निर्देश, पोस्टर प्रदर्शन अनिवार्य

 

बरेली: स्कूलों में ‘निपुण लक्ष्य’ और पढ़न संस्कृति को बढ़ावा देने के निर्देश, पोस्टर प्रदर्शन अनिवार्य

बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बाल-केंद्रित, समावेशी एवं सहयोगात्मक बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में ‘पढ़न संस्कृति’ (Reading Culture) को मजबूत करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बरेली की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।

निर्देशों के अनुसार सभी शिक्षकों एवं हितधारकों को निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से परिषदीय प्राथमिक कंपोजिट विद्यालयों में ‘निपुण लक्ष्य’ पोस्टर का प्रदर्शन कराया जाएगा। पोस्टर को कक्षा में ऐसे स्थान पर लगाया जाना है, जहां शिक्षक और विद्यार्थी उसे प्रतिदिन स्पष्ट रूप से देख सकें और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में उसका नियमित उपयोग सुनिश्चित हो।

चार प्रकार की शैक्षणिक सामग्री के पोस्टर होंगे प्रदर्शित

विद्यालयों में ‘निपुण लक्ष्य’, 10 प्रमुख शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएं, Catch-up शिक्षण तथा ‘पढ़न संस्कृति’ से संबंधित आईईडीसी सामग्री के पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। इन पोस्टरों की प्रिंटिंग के लिए A2 साइज, 250 GSM आर्ट पेपर और सिंगल साइड मल्टी-कलर प्रिंटिंग की स्पेसिफिकेशन निर्धारित की गई है।

टीएलएम ग्रांट से होगा विद्यालय स्तर पर मुद्रण

विद्यालयों के उपयोगार्थ ‘निपुण लक्ष्य’ एवं संबंधित शैक्षणिक सामग्री का मुद्रण विद्यालय स्तर पर टीएलएम ग्रांट मद से कराया जाएगा। वहीं ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर 10 प्रमुख शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, बुनियादी-नव शिक्षण एवं ‘पढ़न संस्कृति’ से संबंधित शैक्षणिक सामग्री के A1 साइज (594×841 मिमी) पोस्टर मुद्रित कराकर प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग का उद्देश्य है कि शिक्षक एवं कर्मिक बेहतर टीचिंग-लर्निंग प्रैक्टिस से निरंतर परिचित रहें और विद्यालयों में प्रभावी शिक्षण वातावरण विकसित हो।

निरीक्षण के दौरान उपयोग की होगी निगरानी

पत्र में कहा गया है कि विद्यालयों के सहयोगात्मक पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण के दौरान उक्त शिक्षण सामग्री के उपयोग की निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही शिक्षक संकुल बैठकों, निपुण संकल्प कार्यशाला एवं शिक्षण-प्रशिक्षण में इन विषयों पर गहन चर्चा की जाए, ताकि संबंधित शिक्षण प्रक्रियाएं दैनिक शिक्षण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बन सकें।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बरेली ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का समय से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।