11 September 2026

8th Pay Commission: 3.83 फिटमेंट फैक्टर से सीधे ₹51000 बढ़ जाएगी बेसिक सैलरी

 

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। चेन्नई में हुई बैठक के दौरान पेंशनर्स के एक संगठन ने मिनिमम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग रखी है। अभी 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। अगर ₹69,000 की मांग मान ली जाती है तो यह मौजूदा बेसिक से ₹51,000 ज्यादा होगा। इसके लिए 3.83 का फिटमेंट फैक्टर चाहिए होगा, लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल है। क्या 8वां वेतन आयोग वास्तव में 3.83 का फिटमेंट फैक्टर दे सकता है?




3.83 फिटमेंट फैक्टर का मतलब क्या है?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे को नए सैलरी स्ट्रक्चर में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। अब कर्मचारी और पेंशनर्स के कई संगठन 8वें वेतन आयोग के लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।


 अगर सिर्फ मौजूदा 18,000 रुपये बेसिक को 3.83 से गुणा करें तो रकम करीब 68,994 रुपये, यानी लगभग 69,000 रुपये बैठती है। यही वजह है कि 69,000 रुपये न्यूनतम बेसिक पे और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हुई हैं।


किस-किस संगठन ने की है मांग

3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग केवल चेन्नई के पेंशनर्स संगठन ने नहीं की है। NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF), फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन और पेंशनर्स संघों समेत कई संगठनों ने भी 69,000 रुपये न्यूनतम वेतन और 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। जबकि, Chennai GPO Pensioners ने 68,000 रुपये न्यूनतम पे और 3.77 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है।


 एक बड़ा पेंच भी है

इतनी बड़ी मांग रखे जाने का मतलब यह नहीं है कि 8वां वेतन आयोग इसे मानने जा रहा है। बता दें 7वें वेतन आयोग के समय भी NC-JCM ने 3.71 फिटमेंट फैक्टर की मांग की थी, लेकिन सरकार ने आखिरकार 2.57 को मंजूरी दी। यानी कर्मचारी संगठनों की मांग और सरकार द्वारा स्वीकार की गई सिफारिश के बीच बड़ा अंतर पहले भी रहा है।



8वें वेतन आयोग में कितना फिटमेंट फैक्टर मिल सकता है?

तो सवाल यह है कि 8वें वेतन आयोग में कितना फिटमेंट फैक्टर मिल सकता है? फिलहाल अभी इसका कोई पक्का जवाब नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक अगर 31 दिसंबर 2025 की स्थिति को आधार माना जाए और उस समय के DA, HRA तथा दूसरे घटकों को जोड़कर गणना की जाए तो फिटमेंट फैक्टर करीब 2.06 बैठता है।


 इस गणना में 18,000 रुपये बेसिक, 58% DA, 30% HRA और यात्रा भत्ता को शामिल किया गया है। हालांकि यह सिर्फ एक अनुमान है। असल फिटमेंट फैक्टर 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही पता चलेगा।


2.10 फिटमेंट फैक्टर भी बड़ा बदलाव ला सकता है

कर्मचारी संगठनों की मांग 3.83 है, लेकिन एक अनुमान में 2.10 फिटमेंट फैक्टर की संभावना बताई गई है। अगर 2.10 का फिटमेंट फैक्टर माना जाता है तो भी वेतन में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। एक कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि के मुताबिक इस स्थिति में सकल वेतन में करीब 32% की बढ़ोतरी हो सकती है।



इसलिए कर्मचारियों के लिए सिर्फ 3.83 पर नजर टिकाना सही नहीं होगा। 2.10, 2.57, 3.00 या 3.83, हर फिटमेंट फैक्टर पर वेतन का गणित अलग होगा।


आखिर 3.83 की मांग का आधार क्या है?

कर्मचारी और पेंशनर संगठन अपनी मांग को सिर्फ मनमाना आंकड़ा नहीं बता रहे हैं। वे परिवार की जरूरतों के खर्च को आधार बना रहे हैं। इसके लिए उपभोग की कंजम्प्शन बॉस्केट का इस्तेमाल किया जाता है।


इसमें परिवार के लिए चावल, सब्जियां, फल, दूध, कपड़े, ईंधन, बिजली, पानी और मनोरंजन जैसी जरूरतों का खर्च शामिल किया जाता है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि मौजूदा महंगाई में परिवार की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने के लिए न्यूनतम वेतन काफी अधिक होना चाहिए।