22 August 2026

सहायक अध्यापकों को 28 साल बाद प्रधानाचार्य भर्ती में मौका

 

प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पहली बार सहायक अध्यापकों (प्रशिक्षित स्नातक या टीजीटी) को 28 साल बाद प्रधानाचार्य भर्ती में मौका मिलेगा। यही नहीं पहली बार प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती में अवसर देने की तैयारी है। शिक्षा निदेशालय के अफसरों ने नियमावली संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। संशोधन के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती विज्ञापन जारी करेगा।



शिक्षा निदेशालय ने इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्यों के 1475 और हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 1172 रिक्त पदों की सूचना चयन आयोग को भेजी है। भर्ती शुरू करने से पहले चयन आयोग ने शासन को नियमावली में आवश्यक संशोधन का अनुरोध किया। सूत्रों के अनुसार अब इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य भर्ती के लिए प्रवक्ता और प्रधानाध्यापक हाईस्कूल के साथ ही प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) को भी अवसर मिलेगा। पहले 1998 तक टीजीटी भी प्रधानाचार्य भर्ती के लिए अर्ह थे लेकिन 1998 में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की नियमावली में एक संशोधन के जरिए उन्हें बाहर कर दिया गया था। इसके अलावा प्रधानाध्यापक हाईस्कूल की भर्ती में भी टीजीटी और प्रधानाध्यापक जूनियर हाईस्कूल के अलावा प्रवक्ता को भी मान्य करने का प्रस्ताव भेजा गया है। पहले केंद्र और राज्य सरकार के केवल एडेड और राजकीय स्कूल के शिक्षक ही प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती में मान्य थे। एडेड कॉलेजों में 2013 के बाद से प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य की भर्ती नहीं हुई है। अब जो भर्ती आने वाली है उसमें लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर चयन होगा।