लखनऊ,। पतंग उड़ाने के शौक में इस्तेमाल होने वाला सिंथेटिक और चाइनीज मांझा जानलेवा साबित हो रहा है। बीते दिनों में यह मांझा सड़क पर एक एमआर की मौत और दर्जनों के घायल होने की वजह बना है। अब इस जानलेवा मांझे के प्रयोग को रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में जाकरूकता मुहिम चलाकर बच्चों को जागरूक करेगा। बच्चों को जानलेवा मांझे का इस्तेमाल नहीं करने की शपथ दिलाई जाएगी। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने लखनऊ मण्डल के सभी डीआईओएस को इसके अनुपाल ने निर्देश जारी किये हैं।
प्रार्थना सभा में बताएंगे खतरे
संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि अभियान का उद्देश्य जानलेवा मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाना है। स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा में बच्चों को इसके खतरों की जानकारी दी जाएगी। इसमें लखनऊ, हरदोई, सीतापुर,खीरी उन्नाव और रायबरेली शामिल हैं।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने लखनऊ मण्डल के सभी डीआईओएस को इसके अनुपालन के दिये निर्देश
ये होंगी गतिविधियां...
● प्रार्थना सभा में बच्चों को सिंथेटिक, नायलान, शीशे वाले और चाइनीज मांझे के खतरों को बताया जाएगा।
● बच्चे ऐसे मांझे का इस्तेमाल नहीं करने और दूसरों को भी रोकने की शपथ लेंगे।
● मांझे से होने वाले हादसों और बचाव पर पोस्टर बनाए जाएंगे।
● सुरक्षित पतंगबाजी और मांझे के नुकसान पर निबंध लिखवाएंगे।
दिलाई जाएगी शपथ
मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को सिंथेटिक, शीशे से लेपित, नायलान पतंग की डोर और चाइनीज मांझे का इस्तेमाल नहीं करने की शपथ दिलाई जाएगी। अभियान के तहत स्कूलों में पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों को सुरक्षित पतंग उड़ाने का संदेश दिया जाएगा। पीटीएम में उनसे ऐसे मांझे को खरीदने और इस्तेमाल नहीं करने की अपील की जाएगी।

