लखनऊ, समाज कल्याण विभाग के आधीन संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के शिक्षक पिछले करीब 40 वर्षों से बगैर बिना सेवा नियमावली के ही काम कर रहे हैं। कई तो सेवानिवृत्त हो गए और कई होने के कगार पर हैं। अभी तक समाज कल्याण विभाग की सेवा नियमावली से काम चल रहा था। विभाग ने शिक्षक सेवानियमावली तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट की बैठक में इसे रखा जा सकता है। सर्वोदय विद्यालयों में करीब शिक्षकों के करीब 2000 पद सृजित हैं।
पिछले दिनों प्रवक्ता पद से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति को लेकर आए गतिरोध के बाद सेवा नियमावली पर काम शुरू हुआ। यह मामला हाईकोर्ट से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन विभाग को राहत नहीं मिली। अब शिक्षक सेवा नियमावली तैयार की गई है। इसे तैयार करने से पहले माध्यमिक शिक्षा परिषद और राजकीय विद्यालयों की सेवा नियामवली का भी अध्ययन किया गया। दोनों के कुछ प्रावधान शामिल किए गए और कुछ नए जोड़े गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, उप प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य के चार पद प्रस्तावित किए गए हैं। इनके वेतनमान भी 4800, 5400, 6600 और 7600 ग्रेड पे प्रस्तावित है। यह भी प्रस्तावित किया गया है कि कितनी सेवा अवधि में पदोन्नति की जा सकेगी। पदोन्नति रिक्त पदों पर होगी, लेकिन समयबद्ध वेतनमान प्रस्तावित है। वेतमान को लेकर भी विसंगति थी।
प्रवक्ता से प्रधानाचार्य बनने में लगेंगे 20 वर्ष
प्रस्तावित सूची में सहायक अध्यापक से प्रवक्ता पद पर प्रमोशन के लिए 12 वर्ष की सेवा अवधि तय की गई है। इसी तरह प्रवक्ता पद से उप प्राचार्य पद पर 12 वर्ष में ही पदोन्नति हो सकेगी। उप प्राचार्य से प्रधानाचार्य पद पर प्रमोशन के लिए 8 वर्ष की सेवा प्रस्तावित की गई है। एक सहायक अध्यापक को प्रधानाचार्य पद पर प्रमोशन के लिए कम से कम 30 वर्ष की सेवा करनी होगी।
इसी तरह प्रवक्ता से प्रधानाचार्य बनने के लिए 20 वर्ष की सेवा होनी चाहिए।
प्रदेश में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित
प्रदेश में इस समय 103 जय प्रकाश नरायाण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 59 विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से तथा 44 विद्यालय यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं। सभी आवासीय विद्यालय के रूप में संचालित हैं। बच्चों को अपने कैंपस में ही सभी सुविधाएं मुफ्त मुहैया कराई जाती हैं।

