सीतापुर, । ऐलिया ब्लॉक के हरधौरपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में शुक्रवार सुबह नहाने के लिए पानी नहीं मिलने पर नौवीं से 12वीं तक के जेन अल्फा बच्चे भड़क गए। उन्होंने हॉस्टल में खुद को बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे विद्यालय में हड़कंप मच गया।
वार्डन और प्रधानाचार्य ने छात्रों से बातचीत की, लेकिन छात्र नहीं माने। वे जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। जिला प्रशासन को सूचना मिलने पर एडीएम आयुष चौधरी विद्यालय पहुंचे और छात्रों से बात की, लेकिन छात्र डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद डीएम डॉ. राजा गणपति आर मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। डीएम ने छात्रों के साथ खाना खाते हुए समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, तब छात्र शांत हुए और पढ़ाई में जुटे। शुक्रवार को कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र सुबह करीब साढ़े सात बजे नहाने के लिए बाथरूम गए थे।
बीएचयू में किताबें और कपड़े लेकर हॉस्टल के बाहर छात्रों का प्रदर्शन: वाराणसी। बीएचयू के बिरला-ए छात्रावास के बाहर शुक्रवार की शाम छात्रों ने किताबें, बैग और कपड़े लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने 50 से ज्यादा तस्वीरों में हॉस्टल की बदहाली भी दिखाई। कहा कि कमरों में सीलन के कारण छात्रों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है और दीमक के कारण किताबें और सामान। साक्ष्य दिखाने और समाधान मांगने पर छात्रों को हॉस्टल से बाहर करने की धमकी दी जाती है। इस दौरान छात्रों ने एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें शिकायत करने वाले छात्र को अधिकारी धकेल कर बाहर कर रहा है।
धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं। एक साल से ज्यादा समय से लगातार इसकी शिकायत की जा रही है और कोई सुधार नहीं हुआ।
छात्रों ने 50 से ज्यादा तस्वीरों में कमरे, लॉबी, कॉमन रूम आदि की बदहाली दिखाई। एक वीडियो भी दिखाया जिसमें एक छात्र को धकेला जा रहा है। छात्रों ने दावा किया कि छात्र को धक्का देने वाले हॉस्टल के एक वार्डेन हैं। छात्रों ने कहा कि वे कई बार अपनी समस्याएं विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रख चुके हैं मगर अब तक कहीं किसी बदलाव की आहट तक नहीं है।
छात्रों के धरना की सूचना पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के साथ एडमिन वार्डेन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया मगर छात्र अपनी जगह से नहीं हिले। उनका कहना था कि पिछले वर्ष भी ऐेसे ही उन्हें आश्वासन दिया गया था। हॉस्टल के मुख्य वार्डन सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि छात्रों की सभी समस्याओं को लिखित रूप में भेजा जा चुका है। जल्द ही सभी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।
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विद्यापीठ में रिजल्ट की गड़बड़ी पर फिर बिफरे छात्र
फोटो विद्यापीठ : काशी विद्यापीठ में रिजल्ट की गड़बड़ी पर शुक्रवार को छात्रों ने किया परीक्षा भवन का घेराव।
- सेमेस्टर परीक्षा देने पर भी अनुपस्थित दिखा फेल करने का मामला
- परीक्षा भवन के गेट पर तालाबंदी, बेमियादी धरने की चेतावनी
वाराणसी,। काशी विद्यापीठ में रिजल्ट की गड़बड़ी पर शुक्रवार को छात्र फिर बिफर पड़े। उन्होंने परीक्षा भवन के चैनल गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी की। कहा कि दो सप्ताह पहले इसी मुद्दे पर प्रदर्शन के बाद कुलपति से रिजल्ट ठीक कराने का आश्वासन मिला था मगर अब तक स्थिति जस की तस है। छात्रों ने आगे बेमियादी धरना की चेतावनी दी।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया। बताया कि सेमेस्टर परीक्षा के परिणामों में छात्रों को अनुपस्थित दिखा दिया गया जबकि उन्होंने परीक्षा दी थी। इसके अलावा भी कई तरह की गड़बड़ियां हैं। इस समस्या के समाधान के लिए छात्रों ने एक पखवारे पहले भी धरना-प्रदर्शन किया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन दिन में त्रुटियां ठीक कराने का आश्वासन दिया मगर अब तक कोई संशोधन नहीं हुआ। छात्र शिवम यादव, आयुष यादव आदि ने बताया कि विद्यापीठ में हर सेमेस्टर परीक्षा के परिणाम के बाद इस तरह की दिक्कत सामने आती है। पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए यह बेवजह का तनाव है जो विश्वविद्यालय प्रशासन की अनदेखी और मनमानी के कारण उत्पन्न होता है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
कोडरमा में छात्राओं ने आठ किमी लंबा मार्च निकाला
कोडरमा। शुक्रवार को कोडरमा में जेन अल्फा छात्राओं ने अपनी मांगों के समर्थन में आठ किमी लंबा मार्च निकाला। इस दौरान करीब दर्जनभर छात्राएं बेहोश हो गईं। जिन्हें आनन-फानन में सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से दो को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मामला सतगावां प्रखंड के पोखरडीहा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का है। स्कूल की खराब से परेशान करीब 300 छात्राओं का गुस्सा सड़क पर फूटा। खराब भोजन, शिक्षकों की प्रताड़ना और वार्डन को हटाने की मांग को लेकर छात्राओं ने यह मार्च निकाला।
छात्राओं का आरोप है कि उन्हें घटिया खाना दिया जाता है। इसके अलावा उनसे खाना बनवाने, बड़े-बड़े बर्तन धुलवाने और बाथरूम तक साफ करवाया जाता है। छात्राओं ने वार्डन व शिक्षिकाओं पर ‘जंगली’ कहकर संबोधित करने का भी आरोप लगाया और कहा कि विरोध करने पर नाम काटने की धमकी दी जाती है। इतना ही नहीं छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्कूल में नियमित पढ़ाई भी नहीं होती,जिससे बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है।
छात्राओं ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने ये शिकायतें रखी थीं। उस समय दो दिन में व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था। लेकिन गुरुवार तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर छात्राओं ने मार्च निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी मुकुल राज प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। छात्राओं ने उन्हें आपबीती सुनाई और वार्डन को हटाने की मांग की। डीईओ ने मामले की जांच कर 10 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राओं को बसों से वापस स्कूल भेजा गया। स्कूल पहुंचने के बाद भी कई छात्राओं की तबीयत दोबारा बिगड़ गई, जिन्हें फिर से इलाज के लिए सीएचसी लाया गया।
छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। समाधान होगा। समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
-डॉ. राजा गणपति आर, डीएम
महोबा। सड़क की मांग को लेकर राजमार्ग जाम करने वाले जेन अल्फा से बदसलूकी के मामले में शुक्रवार को कोतवाल समेत चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं अब चरखारी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बीरेंद्र सिंह शहर कोतवाली की कमान संभालेंगे। बता दें कि कबरई विकास खंड के रैपुरा से बनियातला जाने वाली सड़क खराब होने पर स्कूली छात्रों ने झांसी-मिर्जापुर राजमार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। स्कूली छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कोतवाली पुलिस ने जमकर बदसलूकी की। छात्रों से धक्का मुक्की कर राजमार्ग से हटाने का मामला सुर्खियां बना तो कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष पांडेय को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया।
इसके साथ ही हेड कांस्टेबल उमाशंकर शुक्ला, सिपाही अरुण कुमार, अभिषेक पटेरिया को भी लाइन हाजिर किया गया है। चरखारी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बीरेंद्र प्रताप सिंह को कोतवाली की कमान सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने बताया कि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष पांडे सहित चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।

