12 August 2026

सरप्लस शिक्षकों के पुनर्नियोजन को हाईकोर्ट की मंजूरी, एक ही ब्लॉक के स्कूलों में किया जा सकेगा समायोजन


प्रयागराज। सहायक अध्यापकों के सरप्लस (अतिरिक्त) होने और उनके पुनर्नियोजन से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। Special Appeal No. 398 of 2026 में सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष सरप्लस शिक्षकों से संबंधित Report No. 3 प्रस्तुत की गई, जिसमें अमरोहा, बांदा, हरदोई, कानपुर नगर और सोनभद्र जिलों के शिक्षकों का विवरण शामिल है।


33 पन्नों की रिपोर्ट अदालत में पेश

आदेश के अनुसार, राज्य की ओर से उपस्थित Chief Standing Counsel श्री अभिषेक श्रीवास्तव ने 33 पन्नों वाली Report No. 3 अदालत के रिकॉर्ड पर रखी। रिपोर्ट में ऐसे सहायक अध्यापकों का विवरण दिया गया है, जिन्हें सरप्लस बताया गया है और जिन्होंने अपने पुनर्नियोजन/समायोजन को लेकर कोई आपत्ति दाखिल नहीं की है।

सरप्लस शिक्षकों के पुनर्नियोजन की अनुमति

हाईकोर्ट ने Report No. 3 में शामिल शिक्षकों के पुनर्नियोजन (Redeployment) की अनुमति प्रदान कर दी है। आदेश के मुताबिक इन शिक्षकों को उसी ब्लॉक के ऐसे विद्यालयों में तैनात किया जा सकता है, जहां कोई शिक्षक नहीं है या केवल एक शिक्षक कार्यरत है।

इसका उद्देश्य ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जहां शिक्षक संख्या कम है।

व्यक्तिगत मामले में सरकार अदालत को दे सकेगी जानकारी

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्तिगत मामले में पुनर्नियोजन को लेकर कोई कठिनाई सामने आती है, तो राज्य सरकार को उस समस्या की जानकारी अदालत के समक्ष रखने की स्वतंत्रता होगी।

इससे संबंधित मामलों में आगे न्यायालय के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने का रास्ता खुला रहेगा।

अगली सुनवाई 13 अगस्त को

आदेश में दर्ज है कि Chief Standing Counsel की ओर से की गई आगे की प्रार्थना को 13 अगस्त 2026 को दोपहर 12:45 बजे Fresh के रूप में रखा गया है। इस दौरान मामले से जुड़े अन्य अनुरोधों पर विचार किया जाएगा।

शिक्षकों के लिए क्या है महत्वपूर्ण?

  • अमरोहा, बांदा, हरदोई, कानपुर नगर और सोनभद्र के Report No. 3 में शामिल शिक्षकों के पुनर्नियोजन को अनुमति मिली है।

  • पुनर्नियोजन उसी ब्लॉक के विद्यालयों में किया जा सकेगा।

  • प्राथमिकता ऐसे विद्यालयों को होगी जहां कोई शिक्षक नहीं है या केवल एक शिक्षक कार्यरत है।

  • व्यक्तिगत मामले में समस्या होने पर राज्य सरकार उसे अदालत के संज्ञान में ला सकती है।

  • अगली सुनवाई 13 अगस्त 2026, दोपहर 12:45 बजे निर्धारित की गई है।

नोट: उपरोक्त जानकारी उपलब्ध कराए गए न्यायालयी आदेश के आधार पर तैयार की गई है। अंतिम प्रभाव संबंधित विभागीय कार्रवाई और आगे आने वाले न्यायालयी आदेशों पर निर्भर करेगा।