प्रयागराज, । कई वर्षों तक सरकारी सेवा में अपना खून पसीना देने वाले को रिटायरमेंट के बाद अपने हक के लिए दौड़ना पड़ता है। आमतौर पर सभी सरकारी दफ्तर में रिटायर अधिकारी-कर्मचारी अपने ही साथ काम कर चुके लोगों के बदले रवैये से परेशान होते हैं, लेकिन इसमें भी बेसिक शिक्षा विभाग सबसे आगे है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंडलायुक्त कार्यालय में मंगलवार को हुई 64वीं पेंशन अदालत की समीक्षा में कुल 75 मामले आए और इनमें से अकेले बेसिक शिक्षा विभाग से 59 प्रकरण रहे। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने इस पर नाराजगी जाहिर की। पेंशन अदालत में वित्तीय वर्ष 2026-27 के 40 नए और 35 पुराने, कुल 75 प्रकरणों की समीक्षा की गई। इनमें सबसे ज्यादा मामले बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े रहे। 40 नए मामलों में 39 बेसिक शिक्षा विभाग के थे, जबकि पुराने 35 मामलों में 20 इसी विभाग से संबंधित रहे। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रकरणों की संख्या अधिक होने और उनके निस्तारण की गति धीमी मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने बीएसए, प्रयागराज को निर्देश दिया कि 59 पेंशन प्रकरणों का 20 अगस्त तक अनिवार्य रूप से निस्तारण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

