परिषदीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब समग्र (होलिस्टिक) रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। इसमें परीक्षा के अंकों की जानकारी के साथ पूरे सत्र की हर माह की उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति, शारीरिक एवं मानसिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का ब्योरा दर्ज होगा।
शासन के निर्देश पर जिले में समग्र प्रगति पत्र तैयार कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिले में 2706 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब ढाई लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और सर्वांगीण विकास पर जोर देने के लिए शासन की ओर से अब निजी विद्यालयों की तर्ज पर उनका नियमित और व्यापक आकलन करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा।
रिपोर्ट कार्ड में विद्यालय की जानकारी के साथ छात्र की फोटो, माता-पिता का नाम और अन्य विवरण दर्ज रहेगा। इसमें छात्र की यूनिक आईडी भी शामिल होगी। पूरे शैक्षिक सत्र में छात्र की उपस्थिति और उसकी शैक्षणिक प्रगति का रिकॉर्ड भी इसमें उपलब्ध रहेगा।
शिक्षक, अभिभावक और छात्र का भी होगा आकलन
राजीव कुमार पाठक ने बताया कि समग्र रिपोर्ट कार्ड में शिक्षक, अभिभावक और छात्र के आकलन को भी शामिल किया जाएगा। इससे केवल परीक्षा के अंकों के आधार पर विद्यार्थी की क्षमता तय करने के बजाय उसके संपूर्ण व्यक्तित्व और विकास की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा। इस शैक्षिक सत्र से विद्यार्थियों को समग्र रिपोर्ट कार्ड उपलब्ध कराने की तैयारी है। विभाग ने शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार रिपोर्ट कार्ड तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक ने बताया कि शासन के निर्देश के अनुसार इसी शिक्षा सत्र में छात्र-छात्राओं को समग्र रिपोर्ट कार्ड उपलब्ध कराया जाना है।

