सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू करने में हुई कथित अनियमितता से जुड़े मामले को और टाला नहीं जा सकता। शीर्ष अदालत ने कहा कि अभ्यर्थियों के भविष्य पर फैसले जल्द होना चाहिए, इसे लंबे समय तक नहीं लटकाया जा सकता।
जस्टिस एवीएन भट्टी और एनवी अंजरिया की पीठ ने कहा कि हम इस मामले को 8, 9 व 10 सितंबर को विस्तार से सुनवाई के बाद पूरी तरह से निस्तारण करना चाहते हैं। पीठ ने पक्षकारों से कहा कि निर्धारित दिनों में किसी अन्य मामले को नहीं सुनेंगे। ऐसे में आप हमें तीन दिन पहले अवगत करा दें कि आपके कौन अधिवक्ता बहस करना चाहेंगे।
पीठ ने कहा कि हम इन तीन दिनों में किसी भी पक्षकार की तरफ से कोई भी बहाना नहीं सुनेंगे, क्योंकि यह मामला 2020 से लंबित है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पहले से नियुक्त नोडल अधिवक्ता मनदीप कालरा को हटाकर राज्य सरकार का पक्ष रख रहे एओआर अंकित गोयल को नोडल अधिवक्ता नियुक्त कर दिया।

