12 August 2026

यूपीईएसएससी नियमावली में शैक्षिक गुणांक नहीं, बेसिक शिक्षा ने अधियाचन में दर्शाया

 

यूपीईएसएससी नियमावली में शैक्षिक गुणांक नहीं, बेसिक शिक्षा ने अधियाचन में दर्शाया

प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद ने नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 11,508 शिक्षकों के पद रिक्त होने का विवरण उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) को ऑनलाइन अधियाचन के रूप में भेजा है। हालांकि, अधियाचन में शैक्षिक गुणांक का उल्लेख किए जाने को लेकर चयन प्रक्रिया में नई विसंगति सामने आई है।

परिषद की ओर से अधियाचन में 1981 की नियमावली के अनुसार शैक्षिक गुणांक का उल्लेख किया गया है, जबकि शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली में शैक्षिक गुणांक की व्यवस्था नहीं है। आयोग की चयन प्रक्रिया में स्पष्ट है कि जिन पदों पर केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन होना है, वहां 360 अंकों की लिखित परीक्षा के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। इसमें 120 प्रश्न होंगे और उसी के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी होगी।


प्राथमिक शिक्षक भर्ती में सामने आई विसंगति

प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर एक और महत्वपूर्ण विसंगति सामने आई है। शिक्षा सेवा चयन आयोग को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से टीजीटी एवं पीजीटी के साथ संबंधित प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 897 पदों का भी अधियाचन भेजा गया है।

इन 897 पदों के अधियाचन में चयन प्रक्रिया के लिए शैक्षिक गुणांक का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में चयन के लिए दो अलग-अलग मानक सामने आ गए हैं।

नियमावली में संशोधन करना पड़ेगा

यदि आयोग बेसिक शिक्षा परिषद के अधियाचन के आधार पर चयन प्रक्रिया अपनाता है तो उसे अपनी नियमावली में संशोधन करना पड़ेगा। वहीं, प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की भर्ती के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भी संबंधित नियमों में संशोधन करना पड़ सकता है, क्योंकि प्राथमिक शिक्षक भर्ती में एक ही मानक अपनाया जाना जरूरी होगा।

सूत्रों के अनुसार, आयोग शैक्षिक गुणांक को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग से स्पष्टता मांगेगा। शासन या विभागीय स्तर से इस विसंगति पर निर्णय लिए जाने के बाद ही आयोग चयन प्रक्रिया शुरू करेगा।

11,508 पदों के अधियाचन के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर है कि शैक्षिक गुणांक को लेकर विभाग और आयोग क्या निर्णय लेते हैं और भर्ती प्रक्रिया किस नियम के तहत आगे बढ़ाई जाती है।