19 August 2026

परिषदीय स्कूलों के मिड-डे मील की अब होगी लैब टेस्टिंग, स्कूलों से लिए जाएंगे खाने के सैंपल

परिषदीय स्कूलों के मिड-डे मील की अब होगी लैब टेस्टिंग, स्कूलों से लिए जाएंगे खाने के सैंपल

कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील यानी पीएम पोषण योजना के तहत परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब हर विकासखंड के 10 स्कूलों से हर माह पके भोजन के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। जांच में भोजन में मिलावट के साथ ही जीवाणु संक्रमण और बैक्टीरिया की मौजूदगी का भी पता लगाया जाएगा।

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने सहायक खाद्य आयुक्त को इस बारे में पत्र भेज कार्यवाही का अनुरोध किया है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विकासखंड से हर महीने कम से कम 10 परिषदीय स्कूलों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यालयों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम पहुंचकर बच्चों को परोसे जा रहे पके-पकाए भोजन के नमूने एकत्र करेगी।






इसके बाद इन नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहां भोजन की गुणवत्ता की विस्तृत जांच होगी। खास तौर पर भोजन में किसी प्रकार की मिलावट, दूषित पदार्थ, जीवाणु संक्रमण या बैक्टीरिया की मौजूदगी की जांच की जाएगी।
 
इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। बीएसए ने बताया कि यह कार्रवाई जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला खाद्य सुरक्षा स्टीयरिंग समिति की बैठक और उत्तर प्रदेश मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। जांच से प्राप्त आंकड़ों को केंद्र सरकार को भेजी जाने वाली वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट प्रपत्र में भी शामिल किया जाना है।

रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
विद्यालयों से लिए गए भोजन के नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि किसी विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता खराब पाई गई या मानकों के विपरीत भोजन तैयार किए जाने की पुष्टि हुई तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे विद्यालयों में भोजन तैयार करने और बच्चों को परोसने की प्रक्रिया पर निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है।