08 September 2026

800 की आबादी पर एक जनगणना ब्लॉक, जनगणना की तैयारियों में जुटा निदेशालय

 

800 की आबादी पर एक जनगणना ब्लॉक

जनगणना की तैयारियों में जुटा निदेशालय

 लखनऊ : यूपी में जनगणना की तारीखें घोषित होने के साथ ही निदेशालय तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। पहले चरण में हुए हाउस लिस्टिंग सर्वे के दौरान हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए थे। अब व्यक्तियों की गिनती के दौरान जनगणना ब्लॉक बनाया जाएगा। एक ब्लॉक में करीब 800 की आबादी शामिल की जाएगी। कवायद यही है कि एक प्रगणक पर औसतन 800 से 850 की आबादी का ही भार हो, जिससे जानकारियां बेहतर ढंग से जुटाई जा सकें।


निदेशालय की ओर से जिलों को भेजे निर्देश में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक को जनगणना ब्लॉक में परिवर्तित करने को कहा गया है। अगर किसी हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में 400 घर की और करीब 1100 आबादी है तो जनगणना ब्लॉक में बदलते समय इसे दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा। 800 से अधिक की आबादी दूसरा जनगणना ब्लॉक मानी जाएगी। हाउस लिस्टिंग ब्लॉक से जनगणना ब्लॉक की संख्या तय होने के बाद इसे फ्रीज कर दिया जाएगा। एक बार फ्रीज होने के बाद जनगणना ब्लॉक की संख्या तो बढ़ाई जा सकती है लेकिन इसे कम नहीं किया जा सकता है।

16 नवंबर से स्वगणना का विकल्प

पहले चरण में हाउस होल्ड सर्वे के दौरान जनता को स्वगणना पोर्टल के जरिए खुद ही जानकारी भरने का विकल्प दिया गया था। दूसरे चरण में जनगणना के दौरान भी स्वगणना का यह विकल्प मिलेगा। प्रदेश में 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वगणना की जा सकेगी। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर इसकी जानकारी जुटाएंगे।

विभाग की कोशिश है कि शहरी क्षेत्रों, कार्यालयों, हाउसिंग सोसायटीज आदि में ज्यादा से ज्यादा स्वगणना करवाई जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और प्रमुख चेहरों को भी जागरूकता के लिए जोड़ा जाएगा। स्वगणना वाले घरों के एड्रेस पर स्वगणना आईडी भी चिपकाई जाएगी, जिससे प्रगणक के वहां पहुंचने पर समय बचेगा।

पूजा स्थल से लेकर बेघरों तक की होगी गिनती (बेघरों की गिनती पर होगा खास फोकस)

जनगणना के दौरान आबादी के पूर्ण कवरेज के लिए इसे तीन प्राथमिकता क्षेत्र में बांटा गया है:

  • सामान्य परिवार: पहली प्राथमिकता में सामान्य परिवार हैं। इस श्रेणी में भी स्लम, घनी बस्तियों और किराएदारों की गिनती पर खास ध्यान दिया जाएगा।
  • संस्थागत क्षेत्र: संस्थागत क्षेत्रों की गिनती के दौरान जेल, वृद्धाश्रम, छात्रावासों, रजिस्टर्ड पीजी को गिनने पर फोकस होगा।
  • बेघर परिवार: बेघर परिवारों को अलग प्राथमिकता क्षेत्र में रखा गया है। इसमें रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, बाजार, कंस्ट्रक्शन साइट्स, लेबर अड्डे, पूजा स्थल आदि शामिल हैं। बेघर परिवारों की गिनती फील्ड वर्क के आखिरी दिन शाम को होगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार 4 जनवरी को शाम के बाद इन्हें गिना जाएगा।