08 September 2026

मृतक आश्रित नियुक्ति में अस्थाई सेवा की शर्त पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से जवाब तलब

 

मृतक आश्रित नियुक्ति में अस्थाई सेवा की शर्त पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से जवाब तलब

 प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मृतक आश्रित नियुक्ति नियमावली के तहत मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति में अस्थाई सेवा की शर्त जोड़ने पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने आगरा की सपना सारस्वत की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अनुकंपा के आधार पर दी जाने वाली नियुक्तियां हमेशा स्वीकृत और नियमित पदों के खिलाफ होती हैं।


अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी नियुक्तियों में अस्थाई नियुक्ति अथवा 'एक माह के नोटिस पर सेवा समाप्त करने' जैसी शर्त लगाना स्थापित कानूनी सिद्धांतों के पूरी तरह विपरीत है। मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है, जिसकी अगली सुनवाई 14 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता के भाई की एसएन मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, आगरा में कार्यरत रहते हुए मृत्यु हो गई थी। इसके बाद याची ने मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था। हालांकि, प्रधानाचार्य एसएन मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, आगरा ने यह कहते हुए आवेदन निरस्त कर दिया कि उनके पिता शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त होकर पेंशन ले रहे हैं। कोर्ट अब इस पूरे मामले की वैधानिकता पर सुनवाई करेगा।