अनुकरणीय पहल: शिक्षिका ने स्कूल को आदर्श बनाया, बच्चों को ऑलराउंडर


बदायूं। सालारपुर के कान्हा नगला प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अर्चना ने विद्यालय को आदर्श बनाने में कोई कोर कसर नहीं रखी है। इसी का नतीजा है कि स्कूल के बच्चे भी सभी विषयों में पारंगत होने के साथ खेलकूद व अन्य गतिविधियों में आगे हैं।



अर्चना ने शिक्षण अधिगम • सामग्री के जरिए बच्चों को पढ़ाने में खास रुचि ली है। इसकी वजह से बच्चे शिक्षण के अलावा सांस्कृतिक गतिविधियों में भी पारंगत हुए हैं। जब अर्चना ने स्कूल ज्वाइन किया तो बालकों की संख्या ही ठीकठाक थी। बालिकाओं को स्कूल भेजने से अभिभावक परहेज करते थे। अर्चना ने घर-घर जाकर अभिभावकों को समझाया और आज बालिकाओं का नामांकन बालकों के बराबर है।

उनके स्कूल के बच्चों ने विज्ञान के मॉडल बनाने में भी महारथ हासिल की है। 2017-18 मे पढ़े भारत बढ़े भारत प्रदर्शनी के अंतर्गत भाषा एवं विज्ञान के उत्कृष्ट अधिगम सामग्री प्रस्तुत करने के लिए जिला स्तर पर अर्चना पुरस्कृत भी हो चुकी हैं। साथ ही सत्र 2018-19 में विद्यालय के भौतिक परिवेश में परिवर्तन एवं करके सीखने के नए प्रयोगों की बदौलत बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बीएसए ने पुरस्कृत किया।

अर्चना का कहना है कि बच्चों को खेल खेल में पढ़ाना और सामान्य व्यवहार की चीजें सिखानाा उन्हें अच्छा लगता है

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