03 September 2026

बेसिक शिक्षा के राज्य पुरस्कारों पर उठे सवाल, चयन प्रक्रिया पर शिक्षकों ने जताई आपत्ति

 

बेसिक शिक्षा के राज्य पुरस्कारों पर उठे सवाल, चयन प्रक्रिया पर शिक्षकों ने जताई आपत्ति

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन को लेकर कई जिलों में सवाल उठने लगे हैं। NBT की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ शिक्षकों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर शिकायतें की हैं। आरोप है कि कई मामलों में कम अंक पाने वाले शिक्षकों का चयन हुआ, जबकि अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षक पुरस्कार से वंचित रह गए।


कम अंक वालों के चयन पर सवाल

रिपोर्ट में दिए गए विवरण के मुताबिक, ललितपुर में राज्य स्तर पर 80 में से 65 अंक पाने वाले शिक्षक का चयन हुआ, जबकि 50 और 36 अंक पाने वाले शिक्षकों के चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसी तरह प्रयागराज में साक्षात्कार और अंकों को लेकर भी आपत्तियां सामने आई हैं।

हेडमास्टर ने भी की शिकायत

लखनऊ के एक मामले में 48 अंक पाने वाली शिक्षिका के पुरस्कार के लिए चयन को लेकर शिकायत सामने आई है। आरोप है कि अधिक अंक पाने वाले शिक्षक का चयन नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में वीडियो बनाकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई और अधिकारियों को आवेदन भेजा।

चयन प्रक्रिया को लेकर क्या है नियम?

रिपोर्ट के अनुसार, पुरस्कार के लिए पहले जिला स्तर पर शिक्षकों से जरूरी दस्तावेज लिए जाते हैं और अंकों के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इसके बाद मंडलीय स्तर पर साक्षात्कार तथा दस्तावेजों की जांच होती है। निर्धारित प्रक्रिया में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाती है।

शिक्षकों का कहना है कि यदि निर्धारित मानकों के अनुसार अंक दिए गए हैं तो अंतिम चयन में कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों के चयन और अधिक अंक पाने वालों के बाहर होने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।

जिलों में तय मानकों के अनुसार अंक नहीं देने का आरोप

शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ जिलों में निर्धारित मानकों के अनुसार अंक नहीं दिए गए। शिक्षकों का कहना है कि यदि किसी हेडमास्टर द्वारा व्यक्तिगत कारणों से किसी शिक्षक को निर्धारित अंक नहीं दिए जाते हैं और इसकी शिकायत उच्च स्तर पर की जाती है, तो संबंधित अधिकारी को मामले की जांच करनी चाहिए।

शिक्षकों ने राज्य पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने, प्राप्त अंकों और मेरिट को सार्वजनिक करने तथा शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।