बाउंड्री फांदकर कस्तूरबा गांधी विद्यालय से निकली छात्रा, एंटी रोमियो टीम ने तीन घंटे में किया बरामद
कुंडा, संवाद सूत्र (जागरण):
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, ताजपुर की बाउंड्री फांदकर बाहर निकली कक्षा छह की 11 वर्षीय छात्रा को एंटी रोमियो और मिशन शक्ति की टीम ने मात्र तीन घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को उसकी मौसी के सुपुर्द कर दिया है.
क्या है पूरा मामला?
ताजपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ने वाली 11 वर्षीय जान्हवी के माता-पिता नहीं हैं, और वह बचपन से अपनी मौसी के पास ही रहती है. उसका एडमिशन 30 जुलाई को इस विद्यालय में हुआ था. अगस्त के अंतिम सप्ताह में वह अपनी मौसी के घर लरू गई थी और 30 अगस्त को वापस विद्यालय लौटी थी. इसके बाद, 1 सितंबर की शाम वह बिना किसी को बताए विद्यालय से निकल गई थी.
बाउंड्री फांदकर बाजार पहुंची थी बालिका
जांच में पता चला कि बालिका विद्यालय की बाउंड्री फांदकर बाहर आ गई थी और मंगलवार दोपहर 12 बजे कुंडा बाजार में अकेली घूमती हुई मिली. थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीम गश्त पर थी. बालिका की संदिग्ध गतिविधियों और घबराहट को देखकर टीम को शंका हुई. सहजता से पूछताछ करने पर उसने डरते हुए पूरी सच्चाई बता दी.
पुलिस ने दिखाई तत्परता
सूचना मिलने पर महिला पुलिसकर्मी बालिका को महिला हेल्प डेस्क पर ले गईं, जहां महिला आरक्षी रश्मि सोनकर की देखरेख में उसे सुरक्षित रखा गया. इसके बाद पुलिस ने विद्यालय प्रबंधन और परिजनों को सूचित किया.
विद्यालय स्टाफ के पहुंचने पर पुलिस ने बालिका को पहले सकुशल प्रबंधन के सुपुर्द किया. हालांकि, स्कूल में पढ़ाई में मन न लगने की बात सामने आने पर सहमति के बाद उसे उसकी मौसी को सौंप दिया गया. इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में दरोगा चंद्र बली सिंह, दीपंजलि गुप्ता, रिया मोदनवाल, जानकी देवी और रश्मि सोनकर की अहम भूमिका रही.

