चित्रकूट में केंद्रीय विद्यालय किराये पर, बांदा में शुरू नहीं


 बांदा। चित्रकूट और बंदा में केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा लोकसभा में गूंजा। दोनों जनपदों के सांसद आरके सिंह पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान यह प्रकरण संसद में पेश करते हुए कहा कि श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट में नी वर्षों से केंद्रीय विद्यालय किराये के भवन में चल रहा है। उधर, बांदा में जमीन उपलब्ध न होने से यह शुरू ही नहीं हो पाया है। केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री ने जमीन उपलब्धता की गेंद राज्य सरकार के पाले में डालते हुए कहा कि जैसे ही जमीन या निःशुल्क भवन मिल जाएगा, केंद्रीय विद्यालय चालू हो जाएगा।



सांसद पटेल ने प्रश्नकाल में अपने प्रश्न (संख्या - 342) में कहा कि देश में बेटे-बेटी का अंतर खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री और शिक्षा

बोले- नौ वर्ष पूर्व स्वीकृत हुए थे आज तक आत्मनिर्भर नहीं हो पाए

मंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए है। इसके लिए सांसद ने उन्हें बधाई दी। साथ ही कहा कि वह बुंदेलखंड से चुनकर आए हैं। वर्ष 2013 में दो केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत हुए थे। इसमें चित्रकूट में यह विद्यालय नो वर्ष से किराये के भवन पर चल रहा है बांदा में शुरुआत ही नहीं हुई, जबकि यहां जमीन उपलब्ध करा दो गई थी सांसद के प्रश्न पर केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री पूर्णा देवी ने अपने जवाब में कहा कि बांदा में केंद्रीय समिति ने जो जमीन चिह्नित की थी, उसमें कुछ त्रुटियां थी इसलिए नहीं हो पाया मंत्री ने कहा कि वे लगातार पत्राचार कर रही हैं। जैसे ही जमीन या निःशुल्क भवन मिलेगा, केंद्रीय विद्यालय चालू कर दिया जाएगा। इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष ने शिक्षा राज्यमंत्री को निर्देश दिया कि वह इस बारे में सरकार से बात करें।

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