गांव में स्कूल नहीं होने से दो किमी दूर जाने को मजबूर बच्चे

 

भनवापुर गांव में प्राथमिक स्कूल नहीं होने से भनवापुर ब्लॉक के लोहरौला गांव के टोला पलेशर के मासूम बच्चे दो किमी दूर दूसरे गांव के स्कूलों में पढ़ने जाने को मजबूर हैं। बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि सर्दी, गर्मी और बारिश के मौसम में इन बच्चों के दूर स्थित विद्यालय भेजने पर अनहोनी की आशंका से सास अटकी रहती है। लोगों ने गांव में ही विद्यालय खुलवाने की मांग की।



आठ सौ से अधिक आबादी वाले पलेशर गांव के 50 से 60 बच्चे घर से दो किमी दूर लोहरौला प्राथमिक विद्यालय या फिर इतनी ही दूरी पर स्थित मल्हवार प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। पलेशर गांव निवासी पूर्व प्रधान सीताराम ने बताया कि गांव के नजदीक कोई स्कूल नहीं होने से बच्चों को दो किमी दूर लोहरीला प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने जाना पड़ता है। सड़क पर तेज रफ्तार से चल रही गाड़ियों के कारण बच्चों के साथ दुर्घटना की आशंका बनी

रहती है। अभिभावक बब्बू ने कहा कि गांव में प्राथमिक विद्यालय निर्माण कराए जाने को लेकर बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी तथा बेसिक शिक्षा मंत्री तक को कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया मगर केवल आश्वासन ही मिला गांव के कृष्ण कुमार ने बताया कि पिछड़ी व एससी बहुल गांव में अधिकतर लोग मजदूर हैं। दो किमी दूर तक कोई सरकारी या प्राइवेट स्कूल नहीं होने के कारण बच्चों के प्राथमिक शिक्षा पर ग्रहण लग रहा है राजन सिंह ने कहा कि लोग एक दशक से गांव में प्राथमिक विद्यालय के लिए मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

खंड शिक्षा अधिकारी भनवापुर विदेश्वरी प्रसाद मिश्र ने कहा कि दो किमी दूरी में कोई प्राइमरी स्कूल नहीं होने की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर गांव के लोगों के साथ ग्राम प्रधान प्राइमरी स्कूल निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र देते हैं तो उसे आगे की कारवाई के लिए भेज कर विद्यालय निर्माण के लिए प्रयास करेंगे प्रार्थना पत्र मिला तो स्कूल  निर्माण का प्रयास करेंगे।

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