गोरखपुर: बीटीसी 2004 बैच के 493 शिक्षकों की सूची जारी, विभाग ने मांगी आवश्यक कार्रवाई
गोरखपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गोरखपुर से विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच में प्रशिक्षण प्राप्त कर वर्तमान में जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक पद पर कार्यरत 493 शिक्षकों की सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने जारी की है। सूची संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद में आयोजित अवमानना याचिका संख्या 930/2024 (द्वितीय) एवं 6125/2023 (प्रथम) तथा शासन के पत्र दिनांक 12 अप्रैल 2024 में दिए गए निर्देशों के क्रम में यह कार्रवाई की जा रही है।
विशेष बीटीसी 2004 प्रशिक्षण की मांगी गई थी सूचना
पत्र के अनुसार, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गोरखपुर से विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ऐसे अभ्यर्थियों की सूचना मांगी गई थी, जो वर्तमान में जनपद गोरखपुर के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं।
इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने विकासखंड में कार्यरत विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के शिक्षकों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। खंड शिक्षा अधिकारियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कुल 493 शिक्षकों की सूची तैयार की गई है।
भुगतान संबंधी मामले का भी पत्र में उल्लेख
पत्र में पूर्व में एक शिक्षक तारकेश्वर शाही पुत्र नर्वदेश्वर शाही के मामले में ₹14,000 के भुगतान से संबंधित सूचना भेजे जाने का भी उल्लेख किया गया है। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में की गई थी।
इसके बाद 16 मई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से विशिष्ट बीटीसी 2004 में प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों की सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया था।
विभागीय अधिकारियों को भेजी गई सूची
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 493 शिक्षकों की प्रमाणित प्रति अग्रिम आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजी है। पत्र की प्रतिलिपि विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग; महानिदेशक स्कूल शिक्षा; शिक्षा निदेशक बेसिक; सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज तथा वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा गोरखपुर को भी भेजी गई है।
अब इस सूची के आधार पर विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की संभावना है। पूरे मामले का संबंध विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के प्रशिक्षण और उससे जुड़े न्यायालयी निर्देशों से है।

