“हम साथ चलें तो स्कूल सँवर जाएगा”
हेडमास्टर हों या शिक्षक साथी,
सबकी अपनी जिम्मेदारी है,
बच्चों का उज्ज्वल भविष्य ही,
हम सबकी सबसे बड़ी तैयारी है।
पद छोटा-बड़ा हो सकता है,
पर लक्ष्य हमारा एक रहे,
मन में यदि सम्मान बना रहे,
तो हर दिन विद्यालय नेक रहे।
तकरार से दीवारें बनती हैं,
संवाद से रास्ते खुलते हैं,
थोड़ा हम झुक जाएँ अगर,
तो कितने रिश्ते फिर जुड़ते हैं।
न कोई जीते, न कोई हारे,
जीते केवल विद्यालय हमारा,
बच्चों की मुस्कान बता देगी,
किसने निभाया फर्ज़ हमारा।
आओ मिलकर हाथ बढ़ाएँ,
मन के सारे भेद मिटाएँ,
हेडमास्टर और शिक्षक मिलकर,
विद्यालय को आदर्श बनाएँ।
“हम एक-दूसरे के विरोधी नहीं,
बच्चों के भविष्य के प्रहरी हैं;
मिलकर चलेंगे, मिलकर सँवारेंगे,
क्योंकि हम ही विद्यालय की असली ताकत हैं।”
