21 August 2026

सोना 3 महीने के उच्च स्तर पर, चांदी ₹10 हजार महंगी; अमेरिकी बॉन्ड बायबैक और कमजोर डॉलर से तेजी

 

सोना 3 महीने के उच्च स्तर पर, चांदी ₹10 हजार महंगी; अमेरिकी बॉन्ड बायबैक और कमजोर डॉलर से तेजी

नई दिल्ली। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है। हालिया बाजार कारोबार में सोना तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी करीब ₹10,000 प्रति किलोग्राम महंगी हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस के पार बना हुआ है।

सोना ₹1,62,300 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा

रिपोर्ट के अनुसार, कॉमेक्स पर सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया है। घरेलू बाजार एमसीएक्स में सोना ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंचा। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹4,300 मजबूत होकर ₹1,62,300 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया। यह करीब तीन महीने का उच्चतम स्तर है।

इससे पहले बुधवार को सोना ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले 26 मई को सोने का भाव ₹1,62,400 प्रति 10 ग्राम था।

चांदी में भी जबरदस्त उछाल

चांदी की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी ₹10,000 प्रति किलोग्राम चढ़कर ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पहले सात सप्ताह के उच्च स्तर पर चांदी का भाव ₹2,45,000 प्रति किलोग्राम था।

एमसीएक्स पर चांदी का नजदीकी अवधि का लक्ष्य ₹2,42,000 से ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम तक जाने का अनुमान जताया गया है। वहीं सोने के लिए एमसीएक्स पर ₹1,58,500 से ₹1,59,700 का लक्ष्य बताया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 4,550 से 4,600 डॉलर प्रति औंस का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिकी बॉन्ड बायबैक और कमजोर डॉलर का असर

सोने की तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड बाजार में बदलाव और कमजोर डॉलर को प्रमुख वजह माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि के बॉन्ड की बायबैक बढ़ाने के संकेतों से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। कम यील्ड सोने जैसे ऐसे एसेट को आकर्षक बनाती है, जिस पर ब्याज नहीं मिलता।

कमजोर डॉलर भी सोने के लिए सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि डॉलर में कीमत वाले सोने की खरीद अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत सस्ती हो जाती है।

क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?

विशेषज्ञों के अनुसार, बॉन्ड यील्ड, डॉलर की चाल, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां आगे सोने-चांदी की दिशा तय करेंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 21 अगस्त को स्पॉट गोल्ड करीब 4,514 डॉलर प्रति औंस पर रहा और सप्ताह के दौरान इसमें लगभग 3.2 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई। चांदी भी करीब 68 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बनी रही।

बाजार में तेजी के बावजूद विशेषज्ञों ने उतार-चढ़ाव और मुनाफावसूली की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। इसलिए निवेशकों के लिए आगे की चाल में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर नजर रखना अहम होगा।