21 August 2026

भर्ती से पहले अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहे आयोग

 

भर्ती से पहले अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहे आयोग, पेपर लीक रोकने और सही प्रश्नपत्र तैयार करने का सीख रहे तरीका

प्रयागराज। एनटीए जैसी एजेंसियों पर सवाल उठने और इसके बाद युवाओं के आंदोलनों के बीच राज्यों के चयन एवं भर्ती आयोगों का काम बढ़ गया है। समय पर परीक्षा कराने की चुनौती के बीच अब आयोग पेपर लीक और प्रश्नपत्र में गड़बड़ी रोकने के लिए फुलप्रूफ व्यवस्था बनाने की तैयारी में जुटे हैं। इसी क्रम में एक राज्य के आयोग के अफसर दूसरे राज्यों में जाकर पेपर लीक से बचने और सही प्रश्नपत्र तैयार करने का तरीका समझ रहे हैं।

तकनीक-मैनुअल काम का तालमेल सीख रहे आयोग

भर्ती परीक्षाओं में एआई, मशीन लर्निंग (एमएल) और अन्य तकनीकों का भर्ती परीक्षा में कितना और किस तरह प्रयोग किया जाए, इस पर आयोगों में चर्चा चल रही है। साथ ही पारंपरिक प्रक्रियाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पिछले दिनों तकनीक से मॉनिटरिंग कर बड़ी परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देने की कोशिश करने वाले कई मुन्ना भाइयों को पुलिस के हवाले किया था। इसी तरह उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल चेकिंग भी कई बोर्ड की प्राथमिकता में आ गई है। इससे परीक्षार्थियों की कॉपियां जल्द से जल्द जांची जा सकेंगी।

हालांकि भर्ती आयोग डेटा की सुरक्षा के लिए अपनी परीक्षा तकनीक विकसित करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। इसके साथ ही मॉनिटरिंग के कुछ काम मैनुअल तरीके से भी किए जा रहे हैं, ताकि तकनीकी व्यवस्था के साथ मानवीय निगरानी भी बनी रहे।

पेपर लीक ने बढ़ाई आयोगों की चिंता

किसी राज्य की पिछली परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने का तरीका कारगर रहा तो दूसरे राज्य के आयोग उस पर सवाल नहीं उठाते। वहीं किसी मूल्यांकन सिस्टम में परीक्षार्थियों को सवाल उठाने का मौका नहीं मिला तो दूसरे आयोग परीक्षा के तुरंत बाद आंसर-की जारी कर विवादों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके बावजूद एक ओर जहां एक परीक्षा किसी दूसरे राज्य में पेपर लीक विवादों में घिर रही है, वहीं दूसरी ओर नए परीक्षा पैटर्न और प्रक्रियाओं को समझने के लिए आयोगों के अफसर दूसरे राज्यों का दौरा कर रहे हैं। झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल तक परीक्षाओं में पारदर्शिता न होने से जेएन-जी का गुस्सा फूटा है।

इसीलिए उत्तर भारत के राज्यों के आयोग आधिकारिक अथवा अनौपचारिक रूप से एक-दूसरे के आयोगों की कार्यप्रणाली समझने में जुटे हैं। परीक्षा पैटर्न एक जैसा होने के कारण एक आयोग दूसरे के परीक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को भी देखने की तैयारी कर रहा है। कुछ आयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से मुन्ना भाइयों को पकड़ने के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।

भर्ती में देरी न हो, इस पर भी जोर

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, शिक्षा चयन आयोग और अन्य बोर्ड की भर्तियां लेट न हों, इसके लिए शासन स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। विशेष टीईटी और लंबित भर्तियों के लिए शिक्षा चयन आयोग के साथ अपर मुख्य सचिव से शिक्षा चयन आयोग के कार्ययोजना मांगी गई है।

आयोग की कार्ययोजना के आधार पर अगली बैठक 21 अगस्त को प्रस्तावित है। इसी तरह सभी विभागों से भर्तियों के लिए अधियाचन अपलोड करने के लिए कहा गया है। इसके लिए शासन और आयोग के स्तर पर लगातार बैठकों का दौर जारी है।