शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी (STET) में शामिल करने की मांग: एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने सीएम को लिखा पत्र
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सेवारत शिक्षामित्रों को स्पेशल पात्रता परीक्षा (STET) में शामिल करने की मांग तेज हो गई है। इलाहाबाद–झाँसी खण्ड स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. मान सिंह यादव ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिक्षामित्रों को भी परीक्षा में अवसर देने का अनुरोध किया है।
पत्र में डॉ. मान सिंह यादव ने 2 सितंबर 2026 को जारी शासनादेश का हवाला देते हुए बताया कि स्पेशल पात्रता परीक्षा में परिषदीय विद्यालयों के समस्त शिक्षकों, मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों तथा संविदा/डेली वेजेज पर कार्यरत स्पेशल एजुकेटर्स को तो सम्मिलित किया गया है, लेकिन विगत 26 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों को इससे वंचित रखा गया है।
पत्र के मुख्य बिंदु:
* प्रशिक्षण की दलील: शिक्षामित्रों को विभाग द्वारा NCTE के निर्देशन में दूरस्थ शिक्षा माध्यम से 2 वर्षीय सेवारत बीटीसी (BTC) प्रशिक्षण पूरा कराया जा चुका है।
* समान अवसर की मांग: परिषदीय शिक्षकों, एडेड स्कूलों के शिक्षकों और संविदा स्पेशल एजुकेटर्स की तरह ही शिक्षामित्रों को भी इस पात्रता परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति मिले।
* योग्यता संवर्धन: परीक्षा में प्राथमिकता के आधार पर अवसर मिलने से शिक्षामित्रों की योग्यता का संवर्धन होगा, जिससे वे बच्चों को और बेहतर गुणवत्तायुक्त शिक्षा दे सकेंगे।
एमएलसी ने मुख्यमंत्री से न्यायसंगत फैसला लेते हुए शिक्षामित्रों के हित में शासनादेश में संशोधन करने का आग्रह किया है।
