14 August 2026

52 सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूलों में बनेंगे मिनी स्टेडियम, 26 जिलों में बनेंगे नए सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय

 लखनऊ: प्रदेश के 42 जिलों में निर्माणाधीन 52 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में अब मिनी स्टेडियम भी बनाए जाएंगे। इसके लिए विद्यालय परिसरों में उपलब्ध रिक्त भूमि का उपयोग किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्थाओं के नाम तय जिम्मेदारी सौंप दी है। निर्माण कार्य को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा कराने और इसकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आगरा, अलीगढ़, अंबेडकरनगर, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बांदा, बरेली, एटा, हाथरस, जालौन, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी, मेरठ और रामपुर समेत 42 जिलों की प्रथम व द्वितीय तहसीलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इन विद्यालयों में उपलब्ध तीन से पांच एकड़ भूमि में मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा।

इस संबंध में 16 जुलाई को विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। अब इन मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्थाओं का चयन किया गया है। इनमें उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को 26, कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (उप्र जल निगम) को 14, आवास एवं विकास परिषद को पांच, उप्र समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड को दो, लोक निर्माण विभाग को तीन और उप्र राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को दो मिनी स्टेडियमों के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।

26 जिलों में बनेंगे नए सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के तहत सरकार ने तृतीय चरण में 26 जिलों की तृतीय तहसील में एक-एक नए विद्यालय के निर्माण को भी स्वीकृति दे दी है। इनमें अलीगढ़, एटा, हाथरस, अंबेडकरनगर, गोंडा, कानपुर नगर, बस्ती, बरेली, हरदोई, बाराबंकी, कुशीनगर, आजमगढ़, मीरजापुर, सीतापुर, बलिया, रायबरेली, शाहजहांपुर, उन्नाव, भदोही, प्रयागराज, लखनऊ, झांसी, कौशांबी, जालौन, बांदा और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं।

विद्यालयों के निर्माण का जिम्मा उप्र राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, आवास एवं विकास परिषद, उप्र समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड और उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को दिया गया है।

विभाग द्वारा स्टेडियमों के निर्माण की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी और शासन को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी।

06 कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी

हर तीन माह में होगी समीक्षा

42 जिलों की प्रथम और द्वितीय तहसीलों में बन रहे विद्यालयों में होगा निर्माण