, प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) के माध्यम से निर्धारित होने वाली शिक्षक भर्तियों की शैक्षिक अर्हता में विसंगति या अन्य किसी भी अड़चन के समाधान के लिए शासन स्तर पर मंगलवार और बुधवार को हुई बैठक में तय हुआ कि चिट्ठी लिखने के बजाय शीघ्र मिल बैठकर निराकरण किया जाए। बेसिक शिक्षकों की भर्ती में शैक्षिक गुणांक को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद और यूपीईएसएससी को प्रयागराज में बैठक कर जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि सरकार की मंशा शिक्षक भर्ती अर्हता के विवादों का जल्द समाधान कर चयन प्रक्रिया शुरू करना है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की अर्हता पर दूसरे दिन चर्चा की गई। अर्हता स्पष्ट किए जाने को कुछ प्रोफेसर बैठक में ऑनलाइन जुड़े। उन्हें स्पष्ट निर्धारण के लिए एक दो दिन का समय दिया गया है।
बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के संबंध में बताया गया कि शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली में शैक्षिक गुणांक की व्यवस्था नहीं है, जबकि बेसिक शिक्षा परिषद ने नियमावली 1981 के आधार पर शैक्षिक गुणांक का उल्लेख किया है। इस पर निर्देश दिए गए हैं कि आयोग और परिषद की प्रयागराज में संयुक्त बैठक कर देखा जाए कि जिस स्तर पर संशोधन करने में आसानी और तेजी होगी, वहीं किया जाए। इस संबंध में जल्द ही प्रयागराज में संयुक्त बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि संशोधन किस स्तर पर होना है, उसी पर भर्ती विज्ञापन का मार्ग प्रशस्त कर दिया जाएगा।
बैठक में विभागों एवं आयोगों के अधिकारी सम्मिलित हुए।

