14 August 2026

शर्मनाक: अर्थी पर पड़े पिता का अंगूठा सादे कागज पर लगवाया

 रहीमाबाद, संवाददाता। जिस बेटे के कंधे पर पिता की अर्थी उठनी थी, उसी पर मौत के बाद संपत्ति हड़पने की कोशिश का आरोप लगा है। रहीमाबाद में 75 वर्षीय छत्रपाल की मौत के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान उनके इकलौते बेटे महेंद्र का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह अर्थी पर पड़े पिता के अंगूठे के निशान सादे कागज पर लगवा रहा है।


खड़ौहा गांव निवासी छत्रपाल की गुरुवार को मौत हो गई। आरोप है कि अंतिम संस्कार से पहले घर में महेंद्र एक व्यक्ति के साथ मिलकर सादे कागजों पर पिता का अंगूठा लगवाता रहा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ‘ हिन्दुस्तान’ वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।


माता-पिता को पैतृक घर से निकाला : बुद्धेश्वर निवासी मृतक की बेटी सुमन ने आरोप लगाया कि महेंद्र और उसकी पत्नी लक्ष्मी माता-पिता को आए दिन प्रताड़ित करते थे। वर्ष 2023 में दोनों ने छत्रपाल और उनकी पत्नी शिवदेवी को पैतृक घर से निकाल दिया था। इसके बाद माता-पिता बुजुर्ग रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हो गए। वर्ष 2024 में दोनों सुमन के घर रहने आ गए। कुछ समय बाद वे अन्य बेटियों के घर भी रहे। सुमन ने बताया कि सात जुलाई को पिता की तबीयत बिगड़ गई। आरोप है कि महेंद्र परिजनों के साथ लखनऊ आया और विवाद के बाद छत्रपाल को अपने साथ ले गया। नौ जुलाई को उनकी मौत हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान भी बहनों से गाली-गलौज हुई।


वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, महेंद्र से उसका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बेटे की इस हरकत की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।


रहीमाबाद के खड़ौहा गांव निवासी छत्रपाल के अंतिम संस्कार के दौरान अंगूठे का निशान लगवाता बेटा। वीडियो ग्रैब



वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितकांत के मुताबिक किसी भी व्यक्ति के निधन के बाद किसी भी सादे पेपर पर अंगूठा या उंगलियों के निशान लेना कानूनन अपराध है। इस तरह के पेपर से फर्जी वसीयत, दान पत्र, शपथ पत्र बनवाया जा सकता है। मृत व्यक्ति को अनपढ़ बताते हुए उसके अंगूठे के निशान के जरिए जमीन और बैंक संबंधी मामलों में इस्तेमाल किया जा सकता है।