14 August 2026

जिले में अनुपस्थित शिक्षकों-कर्मचारियों पर होगा एक्शन:BSA बोले- संरक्षण देने वाले प्रधानाध्यापक, बीईओ भी नहीं बचेंगे

  


बलरामपुर में अनुपस्थित शिक्षकों-कर्मचारियों पर होगा एक्शन:BSA बोले- संरक्षण देने वाले प्रधानाध्यापक, बीईओ भी नहीं बचेंगे



परिषदीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। बिना स्वीकृत अवकाश के लगातार गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के साथ ही उन्हें संरक्षण देने वाले प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों और खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) की भी जवाबदेही तय की जाएगी।


जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ऐसे शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची भी तैयार करा रहा है, जो लंबे समय से अनुपस्थित हैं। इनमें से कई कर्मचारी अनुपस्थित रहने के बावजूद अपने अनियमित देयकों के भुगतान की मांग कर रहे हैं।



विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों और कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश अब ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकृत किए जाएंगे। बिना अनुमति या स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति की नियमित निगरानी की जाए और अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।



जिले में वर्तमान में 1,814 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा 12 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय भी हैं। इतने बड़े शैक्षिक तंत्र में शिक्षकों की लंबे समय तक गैरहाजिरी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। ऐसे में विभाग ने अब इस मामले में किसी तरह की ढिलाई न बरतने का निर्णय लिया है।



अनियमित रूप से अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली-1973 तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली-1999 में दिए गए प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।



विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, यदि लंबे समय से अनुपस्थित कोई शिक्षक या कर्मचारी कार्यभार ग्रहण करने के लिए उपस्थित होता है, तो उसके प्रकरण को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) के माध्यम से शिक्षा निदेशक, उत्तर प्रदेश को भेजा जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



बीएसए ने स्पष्ट किया है कि केवल अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक-कर्मचारी ही कार्रवाई के दायरे में नहीं होंगे। यदि किसी प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक या बीईओ की लापरवाही अथवा संरक्षण के कारण कर्मचारी लंबे समय तक अनुपस्थित रहता है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।



बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि अवकाश के नाम पर मनमानी करने और शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पूर्व में भी इस संबंध में निर्देश दिए गए थे। अब इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए पुनः स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं।