● छह से आठ तक के बच्चों को पढ़ाई के लिए टीईटी अनिवार्य
● माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने टीईटी को नहीं किया शामिल
● माध्यमिक स्कूलों में कक्षा छह से दस तक की होती है पढ़ाई
● एलटी ग्रेड भर्ती में भी इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट गए थे अभ्यर्थी
प्रयागराज। प्रदेश के 4512 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के 17740 रिक्त पदों पर नई भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेच फंस गया है। 21 अगस्त को अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेनशर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के प्रतिनिधियों ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों से नया विज्ञापन जारी करने से पहले टीईटी के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।
पिछले साल 28 जुलाई को राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक या प्रशिक्षित स्नातक) के 7466 पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से जारी विज्ञापन में भी टीईटी को लेकर विवाद हो चुका है। ऐसे में चयन आयोग नई भर्ती शुरू करने से पहले किसी भी विवाद की गुंजाइश को खत्म कर लेना चाहता है। राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की भर्ती भले ही कक्षा नौ व दस में अध्यापन के लिए होती है लेकिन ये शिक्षक कक्षा छह से दस तक के बच्चों को पढ़ाते हैं। आरटीई के अनुसार कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास होना अनिवार्य है। इसी मुद्दे को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने एलटी ग्रेड भर्ती को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। भर्ती को नियमों में फंसता देखकर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने हाईकोर्ट में हलफनामा दे दिया कि एलटी ग्रेड शिक्षकों से कक्षा नौ और दस के बच्चों को पढ़वाया जाएगा। उनसे कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को नहीं पढ़वाएंगे। हालांकि सभी यह जानते हैं कि व्यावहारिक रूप से यह संभव नहीं है।
असिस्टेंट प्रोफेसर-प्रवक्ता का विज्ञापन जल्द
प्रयागराज। प्रदेश के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 और एडेड इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता (पीजीटी) के 2615 पदों पर भर्ती के लिए चयन आयोग जल्द विज्ञापन जारी करेगा। मंगलवार को होने वाली आयोग की बैठक में इन विज्ञापनों के अलावा टीईटी के परिणाम पर निर्णय होने की उम्मीद है(

