शैक्षिक भ्रमण से छात्रों का निखरेगा व्यक्तित्व, नवंबर में होंगे भ्रमण
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और पढ़ाई में गुणात्मक सुधार लाने के लिए छात्रों को शैक्षिक भ्रमण कराया जाएगा। इसके तहत बच्चों को जिले और आसपास के जिलों में स्थित ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पुरातात्विक एवं राष्ट्रीय महत्व के स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
राज्य परियोजना निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि शैक्षिक भ्रमण नवंबर माह में कराया जाए। प्रत्येक जिले से विद्यालयों के कम से कम 200 छात्र-छात्राओं को भ्रमण पर ले जाने की योजना है।
भ्रमण स्थल के चयन में विद्यालयी पाठ्यचर्या, स्थानीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय विरासत से जुड़े स्थलों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि बच्चों के बहुमुखी विकास और व्यक्तित्व निर्माण में मदद मिल सके।
शिक्षकों और नामित अधिकारियों को भी भेजा जाएगा
निर्देशों के अनुसार बच्चों के साथ उनके शिक्षक-शिक्षिकाओं और नामित अधिकारियों को भी भ्रमण में भेजा जाएगा। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को संबंधित स्थलों के बारे में आवश्यक जानकारी दी जाएगी। साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वाहन और नाश्ते के लिए बजट तय
शैक्षिक भ्रमण के लिए वाहन मद में अधिकतम 80 हजार रुपये तक का बजट स्वीकृत किया गया है। वहीं नाश्ते के लिए प्रति छात्र 100 रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है।
इस पहल का उद्देश्य केवल बच्चों को नए स्थानों का अनुभव कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय विरासत से जोड़ते हुए उनके ज्ञान, अनुभव और व्यक्तित्व का विकास करना भी है।

