25 August 2026

देश में एक मतदाता सूची से सभी चुनाव संभव नहीं:ज्ञानेश कुमार

 

देश में एक ही मतदाता सूची से लोकसभा, विधानसभा, पंचायत व नगर निगम के चुनाव संभव नहीं हैं। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि संविधान के 73 वें संशोधन के तहत हर राज्य में राज्य निर्वाचन आयोग हैं जो पंचायत व नगर निगम चुनाव के लिए अपने नियम-कानून से मतदाता सूची बना सकता है। ऐसे में जब तक इसमें सरकार कोई बदलाव नहीं करती है तब तक चुनाव आयोग एक मतदाता सूची बनाकर चुनाव नहीं करा सकता।


यूपी के दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ आए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में छात्रों व शिक्षकों से संवाद के दौरान उनके कई सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत में 97 करोड़ मतदाता हैं। करीब आठ से 10 प्रतिशत तक यानी आठ करोड़ नाम हर साल मतदाता सूची में बदलते हैं। करीब दो करोड़ लोगों की मृत्यु होती है। चार करोड़ युवा व अन्य नए मतदाता जुड़ते हैं और चार करोड़ ही लोग घर या निवास स्थान छोड़ कर दूसरी जगह चले जाते हैं। ऐसे में प्रति सेकेंड तीन वोटर बदल जाते हैं। सूची में गड़बड़ी रोकने के हर संभव प्रयास किए जाते हैं पर अगर त्रुटि हो जाती है तो नागरिकों को भी चाहिए कि वे सूची व वोटर कार्ड की गड़बड़ी दूर कराएं।

आधार से नहीं जोड़ सकते वोटर आईडी कार्ड: आयोग


विद्यार्थियों के सवालों के जवाब में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आधार कार्ड एक्ट के सेक्शन तीन में लिखा है कि यह जन्मतिथि, पता व नागरिकता का प्रमाण नहीं है। भारत में मतदाता बनने की शर्त 18 वर्ष की आयु पूरी करना और भारत का नागरिक होना है। ऐसे में आधार कार्ड से वोटर आईडी कार्ड नहीं जोड़ा जा सकता।