प्रवक्ता (PGT) पद की अर्हता में संशोधन नहीं होगा, TGT में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया
प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सीधी भर्ती के रिक्त पदों की अर्हता को लेकर चल रहे विवाद पर शासन स्तर से स्थिति स्पष्ट होने लगी है। प्रवक्ता (PGT) पद की अर्हता में फिलहाल कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। वहीं TGT (सहायक अध्यापक) की शैक्षिक अर्हता में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अंतिम निर्णय माध्यमिक शिक्षा मंत्री के स्तर से होने की बात कही गई है।
जुलाई में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 4,512 विद्यालयों के लिए अधियाचन ई-पोर्टल पर अपलोड किया था। इसमें PGT के 21,252 पद और प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के 2,643 पद शामिल थे। शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अर्हता को लेकर आपत्ति जताई थी।
इसके बाद सीएम के सचिव और अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की समन्वय बैठक हुई। बैठक में शासन के विशेष सचिव ने बताया कि TGT शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। यह जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा निदेशक को दी गई है। प्रस्ताव राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार होने की उम्मीद है।
प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक की अर्हता में भी बदलाव का प्रस्ताव
शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक की अर्हता में संशोधन का सुझाव दिया है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 13 अगस्त को शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन खबर के अनुसार अभी तक उस पर शासन की संस्तुति/अनुमोदन नहीं मिला है।
इसी तरह अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राथमिक अनुभाग के शिक्षकों की अर्हता में संशोधन का प्रस्ताव भी 18 अगस्त को शासन को भेजा गया, लेकिन इस पर भी अभी कोई अनुमोदन प्राप्त नहीं हुआ है।
23,895 पदों पर भर्ती होनी है
खबर के अनुसार कुल 23,895 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। इनमें—
प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के 2,643 पद
प्रवक्ता (PGT) के 3,512 पद
TGT (सहायक अध्यापक) के 17,740 पद
शामिल हैं।
एडेड माध्यमिक विद्यालयों के TGT शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के लिए शिक्षा निदेशक माध्यमिक को कहा गया है। वहीं माध्यमिक शिक्षा निदेशक के अनुसार अर्हता NCTE के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तय किए जाने की संभावना है।
फिलहाल PGT की अर्हता में संशोधन नहीं होने की स्थिति स्पष्ट की गई है, जबकि TGT की अर्हता में बदलाव को लेकर शासन के निर्णय का इंतजार है।

