25 August 2026

यूपी के परिषदीय स्कूलों में ARP के 22% पद खाली, निरीक्षण और शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित

यूपी के परिषदीय स्कूलों में ARP के 22% पद खाली, निरीक्षण और शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित

लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र 2026-27 शुरू हुए करीब पांच महीने हो चुके हैं, लेकिन अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) के चयन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 22 फीसदी ARP पद अभी भी खाली हैं। इसका सीधा असर विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता के पर्यवेक्षण, निरीक्षण और शिक्षकों की सहयोगात्मक गतिविधियों पर पड़ रहा है।


समग्र शिक्षा के तहत ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर शिक्षकों में से ही ARP की तैनाती की जाती है। नए सत्र से पहले ARP के चयन के नियम भी कड़े किए गए हैं। इसके अलावा परीक्षा का पाठ्यक्रम भी कठिन किया गया है। इन कारणों से कई स्थानों पर उपयुक्त ARP नहीं मिल पा रहे हैं।

4425 सीटों में 3460 पद भरे

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में निर्धारित 4425 ARP सीटों में से 3460 पद ही भरे गए हैं। यानी करीब 22 फीसदी पद अब भी रिक्त हैं।

कुछ जिलों में स्थिति काफी कमजोर बताई गई है। झांसी में 37 फीसदी, कासगंज में 43 फीसदी, संभल में 48 फीसदी, मेरठ में 49 फीसदी और बुलंदशहर में 57 फीसदी पद ही भरे जा सके हैं।

वहीं कई जिलों में ARP के सभी या लगभग सभी पद भर चुके हैं। वाराणसी और गौतमबुद्ध नगर में 100 फीसदी, हाथरस में 98 फीसदी तथा अलीगढ़ और कौशांबी में 95 फीसदी पद भरे जा चुके हैं।

15 दिन में रिक्त पद भरने के निर्देश

रिक्त पदों के कारण विद्यालयों में गुणवत्ता पर्यवेक्षण, निरीक्षण और शिक्षकों की सहयोगात्मक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। कुछ जिलों में ARP चयन प्रक्रिया अभी भी जारी है।

महानिदेशक ने सभी बीएसए को 15 दिन के भीतर रिक्त ARP पद भरने और इसकी सूचना कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्यालयों में शैक्षिक सहयोग और निरीक्षण व्यवस्था को गति मिलेगी।