प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर (लॉ) के पद पर हुई नियुक्ति और उसमें पीएचडी डिग्री के आधार पर दिए गए अंकों की वैधता को लेकर दाखिल याचिका पर विवि से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने डॉ देवांशी सिंह की याचिका पर उनके अधिवक्ता विभु राय को सुनकर दिया है। विभु राय ने कोर्ट को बताया कि प्रोबेशन पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को पीएचडी के लिए 30 अंक दिए गए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के परिनियम के क्लॉज 11 का हवाला देते हुए कहा कि उक्त अभ्यर्थी ने उसी विश्वविद्यालय से पार्टटाइम पीएचडी की डिग्री हासिल की जबकि इसके लिए अपने नियोक्ता/ संस्थान के प्रमुख से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया था।

